पठानकोट-जोगिंदर नगर (कांगड़ा घाटी) के बीच 164 किलोमीटर लंबे सेक्शन में छुक-छुक कर धीरे-धीरे चलने वाली रेलगाड़ी से अब छुटकारा मिलेगा। रेल डिवीजन फिरोजपुर ने रेल सेक्शन में जेडडीएम-3 पावरफुल डीजल इंजन उतारा है, जो पैसेंजर ट्रेन के अलावा मालगाड़ी को भी लेकर नेरोगेज ट्रैक पर तेज रफ्तार में दौड़ेगा। यह इंजन मुंबई की परेल वर्कशाप में तैयार किया गया है, जिसे पठानकोट-जोगिंदर नगर के बीच दौड़ने वाली ट्रेनों के साथ जोड़ा जाएगा।
जानकारी के अनुसार कांगड़ा घाटी में मौजूदा समय में ट्रेनों के साथ लगे इंजन मुश्किल से पैसेंजर ट्रेनों को खींच पाते हैं। पठानकोट-जोगिंदर नगर के बीच 164 किलोमीटर लंबे सफर को तय करने में काफी समय लगता है। इसे कम समय में तय करने के लिए रेल अधिकारी लंबे समय से जुटे थे। नेरोगेज ट्रैक (जिसकी चौड़ाई दो फुट है) इस पर शक्तिशाली इंजन दौड़ाने की तलाश जारी थी, जेडडीएम-3 इंजन को मुंबई की परेल वर्कशाप में 2019 व जनवरी 2020 में तैयार किया है। इस इंजन में काफी सुविधाएं दी गई है।
इंजन में बने लोको पायलट के केबिन में ही एयर और हैंड ब्रेक के अलावा आटोमैटिक ब्रेक भी उपलब्ध है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स स्क्रीन भी लगी है, जिस पर लोको पायलट सब कुछ देख सकता है। इस तरह और कई सुविधाएं इंजन में हैं। रेल डिवीजन फिरोजपुर के तहत कांगड़ा घाटी (नैरोगेज) रेलवे जो पंजाब के पठानकोट से हिमाचल के जोगिंदर नगर के बीच चलती है। यह रेलखंड 164 किलोमीटर लंबा है। जो उप-हिमालय क्षेत्र के सुरम्य एवं मनमोहक वादियों के बीच से गुजरती है। यह 1929 में चालू हुआ था। इस रेलखंड पर नूरपुर रोड, जवांवाला शहर, ज्वालामुखी रोड, नगरोटा, चामुंडा मार्ग, पालमपुर, बैजनाथ, जोगिंदरनगर आदि मुख्य रेलवे स्टेशन हैं, जहां अनेक पर्यटन, एतिहासिक एवं धार्मिक स्थल हैं।
कांगड़ा घाटी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर रहे
रेल डिवीजन फिरोजपुर के डीआरएम राजेश अग्रवाल ने बताया कि रेलवे कांगड़ा घाटी के रेल सेक्शन को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर रहा है। यहां पर सात ट्रेनें (अप एंड डाउन) चलती है, इनमें एक एक्सप्रेस ट्रेन शामिल है, जो पठानकोट से बैजनाथ पपरोला के बीच चलाई जाती है। मौजूदा समय में कोविड-19 के चलते ट्रेन सेवा बंद है।
कांगड़ा स्टेशन को आर्ट्स एवं गैलरी के द्वारा हेरिटेज स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है। यहां के सभी स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई सेवा है। अग्रवाल ने बताया कि परेल वर्कशॉप मुंबई से लॉकडाउन के दौरान निर्मित जेडडीएम-3 श्रेणी का तीसरा नया शक्तिशाली डीजल इंजन फिरोजपुर मंडल के पठानकोट और जोगिंदर नगर रेलवे स्टेशनों के बीच यात्रा को आसान और आरामदायक बनाने के लिए रवाना हो चुका है। इन इंजनों का ट्रायल चल ही रहा था कि कोविड-19 के कारण परीक्षण कार्य स्थगित कर दिया था। इंजन के दोनों ओर लोको पायलट के लिए केबिन है, जिससे शंटिंग करने में समय की बचत होगी।