प्रोफेसर सीबी शर्मा, अध्यक्ष, ओपन स्कूल
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आर्थिक तंगी या किन्हीं अन्य कारणों से स्कूल कालेज में जाकर पढ़ाई न कर पाने वालों के लिए खुशखबरी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (ओपन स्कूल) से डिग्री हासिल करने वालों के लिए अब रोजगार के अधिक मौके मिल सकेंगे। ओपन स्कूलिंग सिस्टम में अब वोकेशनल कोर्स पर अधिक फोकस किया जाएगा।
यह जानकारी शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के चेयरमैन प्रो.सीबी शर्मा ने दी। प्रो. शर्मा सेक्टर-11 स्थित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के रीजनल सेंटर के दौरे पर आए थे। उन्होंने बताया कि डिग्री के साथ युवाओं को इंडस्ट्री में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का मौका भी मिल सकेगा। शर्मा ने कहा कि ओपन स्कूलिंग को ओर बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में आईटीआई करने वाले युवाओं को एनआईएस सर्टिफिकेट देगी। ओपन से 10वीं और 12वीं परीक्षा देने के लिए ऑल टाइम एग्जाम सिस्टम को ओर बेहतर किया जा रहा है। एनआईएस भविष्य में 50 केंद्रीय विद्यालयों को सेंटर बनाने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एमएचआरडी के निर्देश पर 2015-16 में देश भर में 6 लाख आशा वर्करों को ट्रेनिंग दी गई है। इस सत्र से जून और जुलाई में युवाओं के लिए खास समर प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। एक महीने के प्रोग्राम में युवाओं को इंडस्ट्री में जाकर काम करने का मौका मिलेगा। कोर्स करने वाले युवाओं को प्लेसमेंट दिलाने की भी एनआईएस प्रयास करेगा।
आवेदन के 30 दिन में एग्जाम प्रो.शर्मा के अनुसार सीबीएसई या अन्य राज्य बोर्ड में कुछ विषय में फेल होने वाले स्टूडेंट ऑल टाइम एग्जाम सिस्टम के तहत आवेदन के 30 दिन के भीतर परीक्षा दे सकता है। परीक्षा के बाद 45 दिन के भीतर रिजल्ट भी घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले साल से इस रीजन के युवाओं को पंजाबी विषय में भी परीक्षा की सुविधा मिल सकेगी। सेंटर पंजाबी माध्यम से मैटिरियल तैयार कर रहा है।
सेंटर से जुड़े हैं 60 हजार स्टूडेंट सेक्टर-11 स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के क्षेत्रीय निदेशक डॉ.तारकेश्वर नाथ गिरि ने बताया कि सेंटर में इस समय 60 हजार स्टूडेंट रजिस्टर्ड हैं। उन्होंने बताया कि पत्राचार से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए पर्सनल कंटेक्ट प्रोग्राम(पीसीपी) भी चलाया जा रहा है। शहर के 13 स्कूलों में इसके लिए सेंटर बनाए जाते हैं। हर साल एक्सपर्ट विद्यार्थियों को लेक्चर देने आते हैं। विद्यार्थियों के लिए जॉब फेयर भी लगाया जाता है।