अंबाला संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशियों की जीत या हार में यूथ वोटर्स अहम भूमिका निभाएंगे। पंचकूला विधानसभा क्षेत्र में 30-39 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या करीब 25.22 फीसदी है।
इनमें सरकारी और गैर-सरकारी कर्मियों के साथ परिवारों के मुखिया भी शामिल हैं, जो खुद जिसे वोट देंगे, संभव है अपने परिवार को भी उसे ही वोट देने के लिए प्रेरित करेंगे।
चूंकि यह शहर के मतदाता हैं, इसलिए राजनीतिक पार्टियां जहां ग्रामीण क्षेत्रों में डोर टू डोर कैंपेन चला रही हैं, वहीं शहर में इसके लिए फेसबुक और मोबाइल मैसेज का अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
पंचकूला विधानसभा क्षेत्र में एक लाख, 94 हजार, 80 वोटर हैं, जिनमें 30-39 वर्ष आयु वर्ग के 48,952 मतदाता हैं। इनमें शहरी के साथ-साथ ग्रामीण मतदाता भी शामिल हैं।
चुनाव प्रचार के तहत पार्टियां हरेक वर्ग के उम्मीदवारों से वोट मांग रही है। इसके लिए जैसे संभव होता है, वे यही जताने की कोशिश करते हैं कि वे आम लोगों के लिए सबसे मजबूत प्रत्याशी हैं।
राजनीति के जानकार भी मानते हैं कि इस बार जातिगत समीकरण का ज्यादा फायदा नहीं मिलने वाला है। खास बात यह भी है कि अंबाला संसदीय क्षेत्र में नौ विधानसभा क्षेत्र हैं, लेकिन प्रमुख पार्टियाें के उम्मीदवार पंचकूला से ही होते हैं।
पंचकूला विधानसभा के वोटरों पर एक नजर
आयु वर्ग--------संख्या
18-19---------4135
20-29---------41022
30-39---------48952
40-49---------40927
50-59---------28397
60-69---------18705
70-80---------8647
80 से अधिक----3297
प्रमुख उम्मीदवार
भाजपा---------रतन लाल कटारिया
कांग्रेस---------राजकुमार वाल्मिकी
इनेलो---------डॉ. कुसुमबाला शेरवाल
‘आप’---------एसपी सिंह