चंडीगढ़। मौलीजागरां के विकासनगर इलाके में दो साल पहले हुए युवक की चाकू से हत्या के मामले में जिला अदालत ने मुख्य आरोपी अजय उर्फ भांजा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सबूतों के अभाव में सहआरोपी मुकेश और सतपाल को बरी कर दिया। यह फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पेश किए गए वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पूरी तरह मजबूत हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार विकासनगर निवासी संजय यादव की आपसी रंजिश के चलते हत्या की गई थी। जांच के दौरान अजय के कपड़ों और वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू पर खून के निशान मिले थे। फोरेंसिक जांच में कपड़ों और चाकू पर पाया गया डीएनए मृतक संजय यादव के खून से मेल खा गया जिससे आरोपी के खिलाफ मामला पुख्ता हो गया।
मृतक की पत्नी प्रीति यादव ने पुलिस को बताया था कि एक जनवरी 2024 को संजय सब्जी लेने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया और जरूरी काम के बहाने मिलने के लिए बुलाया गया। रात करीब सवा आठ बजे संजय घर से निकल गया, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। रातभर तलाश के बाद सुबह करीब साढ़े चार बजे विकासनगर पार्क के पास झगड़े और चाकूबाजी की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर संजय की चाकू मारकर हत्या हो चुकी थी। अदालत ने सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर अजय को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।