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पंजाब में युवा मतदाता 53 फीसदी पार, पर उनके मुद्दों पर बात नहीं कर रहे ‘सरकार’

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चंडीगढ़। देश की 60 फीसदी आबादी युवाओं की है। यही युवा इस समय देश की तकदीर भी लिख रहे हैं। यही देश के लोकतंत्र की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। इन्हें दरकिनार करके राजनीतिक दल भी अपनी सियासत पक्की नहीं कर सकते।
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इस समय पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। युवाओं को लुभाने के लिए वादे हो रहे हैं, लेकिन रोजगार दिलाने, सस्ती शिक्षा मुहैया कराने, युवाओं के पलायन को रोकने के बंदोबस्त पर कोई भी नेता मुहर लगाने को तैयार नहीं है। यानी युवाओं को उनकी बात पर कैसे भरोसा हो। युवा चाहते हैं कि उन्हें इस बार राजनीतिक दल प्रमाणपत्र दें, ताकि वे सरकार बनने पर उन्हें वादे न निभाने पर कटघरे में खड़ा कर सकें। युवा चाहते हैं कि सरकार की युवाओं के प्रति जिम्मेदारी हो। अन्य कानून की तरह रोजगार पर भी कानून बने, जो हर हाल में लागू हो, चाहे सरकार किसी की हो।
पंजाब विधानसभा चुनाव में 2.12 करोड़ मतदाता 117 विधायक चुनेंगे। इन वोटरों में 53 फीसदी से अधिक युवा हैं। युवाओं के मुताबिक इस समय नेताओं की जुबान पर कृषि संकट व बॉर्डर एरिया के खतरों को दूर करने का आश्वासन जैसे मुद्दे हैं। कुछ नेता परिवारवाद, धनबल, बहुसंख्यकवाद, अल्पसंख्यकवाद, अगड़ा-पिछड़ा, दलित, युवा, महिला आदि का भी राग अलाप रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप का भी बाजार गरम है, लेकिन राजनीतिक शुचिता, आदर्श और युवाओं के मुद्दे गायब हैं। हालांकि नेता युवाओं की भीड़ देखकर कुछ जगहों पर भाषणबाजी जरूर कर रहे हैं। वे पिछली सरकारों के रोजगार के आंकड़े भी सामने रख रहे हैं, पर इस भाषणबाजी पर युवाओं की तालियां कम बज रही हैं। नेता उन्हें विश्वास में नहीं ले पा रहे हैं और न युवाओं को नेताओं पर इस बार भरोसा है।
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क्या कहते हैं युवा मतदाता
युवाओं के मन की बात नहीं की जा रही
विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे हावी हैं, पर युवाओं के मन की बात कोई नहीं कर रहा। युवाओं को रोजगार चाहिए। सस्ती शिक्षा पर बात हो। शिक्षा की एकल प्रणाली लागू होनी चाहिए। यह बात नेताओं की समझ से परे है। रोजगार के लिए कानून बनना चाहिए। -विजय कुमार, छात्र पीयू
रोजगार की गारंटी जरूरी
राजनीति अब केवल मतलब की रह गई है। पार्टियां मतदाताओं को लुभाकर सरकार बनाना चाहती हैं। चुनाव में नेता राष्ट्रीय व स्थानीय मुद्दे उठा रहे हैं, पर शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने की बात नहीं हो रही। नेता युवाओं को रोजगार की गारंटी देने को तैयार नहीं हैं। -अमनदीप चौधरी, छात्र पीयू
महिला सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर शिक्षा का रोडमैप बताना होगा
विधानसभा चुनाव में बातें तो महिला सुरक्षा की भी हो रही हैं, लेकिन महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा व्यवस्था कैसी हो, इसका रोडमैप किसी के पास नहीं है। लड़कियों के लिए विशेष कॉलेज व विश्वविद्यालय होने चाहिए। शिक्षा सस्ती व आसानी से मिलनी चाहिए। -महक सिंह, छात्रा पीयू
युवाओं के पलायन रोकने की योजना किसी के पास नहीं
युवाओं को सबसे अधिक जरूरत रोजगार की है। हर साल लाखों की संख्या में युवा पढ़कर बाहर निकल रहे हैं। पंजाब में युवाओं के पलायन का मुद्दा भी बड़ा है। इसे रोकने के लिए बात होनी चाहिए। नेता केवल आश्वासन दे रहे हैं। इस पर ठोस रणनीति किसी के पास नहीं है। -सरताज सिंह, छात्र पीयू
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