फेज-2 बस्सी सिनेमा के सामने स्थित चंडीगढ़ की आदर्श कॉलोनी से मूर्ति विसर्जित करने गए लोगों में से तीन युवक कजौली नहर में बह गए।
इनमें से दो युवकों को तो ऑटो चालक ने बचा लिया, लेकिन एक 20 वर्षीय युवक नहर में बह गया। ऑटो चालक ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वह इसमें सफल नहीं हो सका। वहां मौजूद लोगों ने फौरन इसकी सूचना पुलिस और युवक के परिजनों को दी।
इसके बाद वहां मोरिंडा के एसएचओ हरकिरत सिंह पहुंचे और मामले की जानकारी ली। वहीं युवक के घर पर उसके नहर में बहने का समाचार मिलते ही कोहराम मच गया। परिजन कई लोगों को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए। देर शाम तक उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-54 स्थित आदर्श कॉलोनी में पिछले कुछ दिनों से दुर्गा पूजन चल रहा था। शनिवार को सिंदूर खेला के बाद कॉलोनी के लोग मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने के लिए तीन ट्रकों में सवार होकर मोरिंडा के पास कजौली नहर पहुंचे।
यहां पहुंचकर लोगों ने मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित की। इसके बाद कुछ लोग नहर में नहाने के लिए उतर गए। नहर में पानी का बहाव अधिक होने के कारण युवकों ने रस्सी पकड़ी हुई थी।
इसी बीच कमलेश पासवान और दो अन्य युवक नहर में रस्सी के सहारे नहाने के लिए उतरे, लेकिन अचानक कमलेश के हाथ से रस्सी छूट गई। इसके बाद वह नहर में बहने लगा। उसके साथ ही दोनों युवकों के हाथ से भी रस्सी छूट गई। इससे वो भी तेज बहाव में बहने लगे।
युवकों को बहता देख हरिंदर नाम के ऑटो चालक उन्हें बचाने आगे बढ़ा और किसी तरह दो युवकों को बचा लिया। लेकिन, तब तक कमलेश काफी आगे निकल चुका था। हालांकि वहां मौजूद अन्य लोगों ने उसे तलाशने की काफी कोशिश की। युवक के नहर में बहने का समाचार मिलने पर कॉलोनी में मातम छाया हुआ है।
कमलेश पासवान प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। वह चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। कॉलोनी के लोगों का कहना था कि वह काफी मिलनसार था और खुशमिजाज किस्म का था।