इराक में आईएस के चंगुल से बचकर वतन लौटे हरजीत मसीह ने वीरवार को यहां दावा किया है कि अगवा कर बंधक बनाए गए सभी 39 भारतीयों को आतंकियों ने मार दिया है। मसीह के इस दावे से बंधकों की सलामती पर संशय पैदा हो गया है। हालांकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दावा किया है कि सभी भारतीय मोसुल में सुरक्षित हैं।
मोहाली स्थित आप सांसद भगवंत मान के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में गुरदासपुर निवासी मसीह ने कहा कि अगवा हुए सभी 39 भारतीयों में एक भी जिंदा नहीं है। मसीह ने कहा कि जब वह देश लौटा था तो उस समय एंबेसी में नौकरी देने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया है।
मसीह ने बताया कि वह इराक की एक कंपनी में काम करता था। कंपनी में भारतीय और बांग्लादेशी मुलाजिम भी थे। आईएस आतंकियों ने एक दिन सभी को बंधक बना लिया। इसके बाद आंखों में पट्टी बांधकर सभी को एक गाड़ी में बैठाकर एक पहाड़ के पास ले जाया गया। वहां सभी को गाड़ी से उतारकर कहा गया कि बांग्लादेशी और भारतीय अलग-अलग लाइनों में खड़े हो जाओ। इसके बाद भारतीयों के पासपोर्ट, नगदी व अन्य दस्तावेज ले लिए।
खुद को बांग्लादेशी बताकर बचाई जान
हरजीत ने बताया कि इसके बाद आतंकियों ने एक-एक करके सबको गोली मार दी। मसीह ने बताया कि गोली लगने के बाद वह गिर गया। इसके बाद आतंकी वहां से चले गए। उन्होंने बताया कि आतंकियों के जाने के बाद सभी साथियों को आवाज लगाई, लेकिन किसी की आवाज नहीं सुनाई दी।
इसके बाद मुश्किल से वह सड़क पर पहुंचा और एक गाड़ी वाले से मदद मांगी। लेकिन वह गाड़ी आतंकियों की थी। पूछने पर आतंकवादियों को बताया कि वह बांग्लादेशी है और उसका नाम अली है। इसी बीच उसके दिमाग में आया कि मुस्लिम लॉकेट नहीं पहनते, इसलिए उसने अपने गले से लॉकेट गिरा दिया।
बाद में आतंकियों ने उसे कंपनी के पास छोड़ दिया। कंपनी के पास दूध बेचने वाले को उसने पूरी कहानी बताई। दूध वाले ने कहा कि बांग्लादेशियों के साथ तुम भी गाड़ी में बैठ जाना। फिर वह किसी तरह एंबेसी पहुंचा।
विदेश मंत्री का दावा, सुरक्षित हैं भारतीय
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बीते साल इराक के मोसुल शहर से अगवा किए गए 40 से अधिक भारतीयों के अब तक सुरक्षित होने का दावा किया है। विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार के पास इस समय 8 सूत्रों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी है। सरकार अपने सूत्रों पर भरोसा और विश्वास कायम रखने हुए अगवा भारतीयों की तलाश और सुरक्षित स्वदेश वापसी का प्रयास जारी रखेगी।
इस दौरान उन्होंने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागे हरजीत मसीह के सभी अगवा भारतीयों के मारे जाने संबंधी दावे को तरजीह न देने की बात कही। बकौल सुषमा, उन्हें और सरकार को हरजीत के दावों पर ऐतबार नहीं है। सुषमा स्वराज ने अगवा भारतीयों के परिजनों से भी मुलाकात की।
विदेश मंत्री ने परिजनों से कहा कि सरकार का इन्हें सुरक्षित भारत लाने का प्रयास जारी है। सुषमा ने परिजनों को यह भी बताया कि इस मामले में सरकार इराक ही नहीं बल्कि इससे संबंधित अन्य देशों के शासनाध्यक्षों से भी लगातार संपर्क में है।
सुषमा ने हरजीत के दावे का खंडन किया
उल्लेखनीय है कि हरजीत ने एक बार फिर दावा किया है कि आईएसआईएस के आतंकियों ने भारतीयों को अगवा करने के बाद एक पहाड़ी पर ले जा कर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। बकौल हरजीत उस दौरान वह खुद को बांग्लादेश का नागरिक बचा कर बच निकले थे। विदेश मंत्री ने हरजीत मसीह के अगवा भारतीयों को मार दिए जाने संबंधी दावे का खंडन किया है।
हरजीत के दावे को आधारहीन बताते हुए सुषमा ने कहा कि अगवा भारतीयों के संबंध में सरकार को कई सूत्रों से जानकारी मिल रही है। सभी सुरक्षित हैं और सरकार सूत्रों पर भरोसा करते हुए सभी भारतीयों को बचाने और वापस भारत लाने का प्रयास जारी रखेगी। विदेश मंत्री ने कहा कि हरजीत ने इससे पहले भी इसी तरह का दावा किया था। मगर उसके दावे में सच्चाई नहीं पाई गई थी।
विदेश मंत्री ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए इस बारे में विस्तार से कुछ कहने से मना कर दिया। उल्लेखनीय है कि संसद के बजट सत्र के पहले चरण के दौरान हरजीत के दावे के बाद सुषमा ने संसद के दोनों सदनों में सभी भारतीयों के सुरक्षित होने की जानकारी दी थी।
सुरजेवाला ने कहा सफाई दें मोदी
मोसुल में अगवा भारतीयों के मामले पर कांग्रेस ने पीएम मोदी से सफाई मांगी है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हरजीत का खुलासा चौंकाने वाला है। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार यह भी बताए कि अपहृत लोगों की सुरक्षित स्वदेश वापसी कब तक होगी। एजेंसी
भगवंत मान बोले सफाई दे सरकार
सांसद भगवंत मान का कहना है कि मामला काफी संवेदनशील है। कई परिवार दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर 12-13 दिन से अपने बच्चों से मिलने के लिए बैठे हैं। अगर बच्चे सुरक्षित हैं तो उनकी परिजनों से बात करवाई जाए। यह मामला वह पहले भी संसद में उठा चुके हैं।