दीपक नाम था उसका। कॉलेज में लाइब्रेरियन था। शनिवार को हादसे में उसकी जान चली गई। इकलौते बेटे की मौत का गम मां के लिए असहनीय है, लेकिन इस मां ने बेटे की आंखें दान कर किसी की जिंदगी में उजाला कर दिया। इस तरह दीपक बुझने के बाद भी उजाला करता रहेगा।
हादसा शनिवार सुबह 5:30 बजे रामगढ़ के पास हुआ। करीब 31 वर्षीय दीपक अपनी बाइक पर पंचकूला की ओर आ रहा था कि अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव जनरल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचीं दीपक की मां पुष्पादेवी ने उसकी दोनों आंखें दान कर दी।
पिता बनने वाला था दीपक
दीपक गांव मौली स्थित एक निजी कॉलेज में लाइब्रेरियन था। दीपक की पत्नी गर्भवती है। हादसे के कुछ घंटे बाद पोस्टमार्टम कर उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया। रामगढ़ चौकी इंचार्ज गुलाब सिंह ने कहा कि आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही है। इसके लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
पिता की हो चुकी है मौत
दीपक की मौसी के बेटे राजीव मदान की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। दीपक मूल रूप से अंबाला के नारायणगढ़ का रहने वाला था। वह करीब 15 साल से बरवाला में रह रहा था। उसके पिता की वर्षों पहले मृत्यु हो चुकी है।