साध्वी यौन शोषण मामले में साध्वी के तीन पेज के पत्र और हस्ताक्षर की जांच के बाद सीएफएसएल ने सीबीआई की अदालत में रिपोर्ट सौंप दी, लेकिन इस संबंध में भेजे गए दस्तावेज और हस्ताक्षर के नमूने को जांच के लिए नाकाफी बताया गया। इस संबंध में अतिरिक्त नमूने और दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि पुख्ता रिपोर्ट तैयार की जा सके। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शनिवार को अदालत में पेश हुए।
उधर, सीबीआई के वकील ने बचाव पक्ष की ओर से सात साल से भी अधिक वक्त तक पत्र को किसी भी अदालत के समक्ष पेश नहीं करने पर भी सवाल उठाया है। इस रिपोर्ट से डेरा प्रमुख की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
शनिवार सुबह से ही इस मामले को लेकर अदालत में गहमागहमी थी, लेकिन सीएफएसएल रिपोर्ट पेश होने के बाद अदालत ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख दे दी। दस्तावेज और अपर्याप्त साक्ष्यों को वजह बताते हुए मामले से संबंधित अन्य दस्तावेज भी मंगाए गए हैं। सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि सीएफएसएल ने रिपोर्ट पेश की है, लेकिन उसमें हैंडराइटिंग से संबंधित स्पष्ट जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा कि साध्वी की ओर से लिखित और तथ्यों की जरूरत है, ताकि पुख्ता रिपोर्ट तैयार की जा सके। इस रिपोर्ट में साध्वी की ओर से पत्र लिखने की पुष्टि नहीं हो सकी है। सीबीआई के वकील ने कहा कि पत्र साध्वी की ओर से लिखा गया तो इसे वर्षों बाद क्यों अदालत में पेश किया गया। बचाव पक्ष के वकील एसके गर्ग नरवाना ने बताया कि हमें मिली रिपोर्ट के मुताबिक लैब की ओर से साध्वी के पत्र की लिखावट की मिलान के लिए जो सामग्री भेजी है, वह पर्याप्त नहीं है। पहले भी इस मामले की जांच निजी एजेंसी से करवाने की मांग बचाव पक्ष की ओर से की गई थी।
हत्या के मामलों में सुनवाई दो मई को
उधर, डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह के मामले में छह गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या सहित दोनों मामलों में अगली सुनवाई दो मई को होगी।