चंडीगढ़। सीएसआईआर-सीएसआईओ ने पीवा (प्रीसिशन आयोडीन वैल्यू एनालाइजर) डिवाइस तैयार की है। इसकी मदद से खाद्य तेलों और घी की क्वालिटी का आसानी से पता लगा पाएंगे। खाद्य तेलों में आयोडीन की मात्रा या इसकी सैचुरेशन का तीन मिनट में बिना केमिकल इस्तेमाल किए पता चल पाएगा। सीएसआईओ ने इस डिवाइस के लिए चंडीगढ़ बेस्ड इंडस्ट्री के साथ समझौता किया है। इस डिवाइस को संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अमोल ने तैयार किया है।
डॉ. अमोल ने बताया कि पहले खाद्य तेलों में आयोडीन की सैचुरेशन का पता लगाने के लिए मैनुअल टाइट्रेशन से जांच होती थी। इसमें लगभग 45 मिनट का समय लगता था। इसके साथ ही केमिकल का इस्तेमाल होने की वजह से यह विषाक्त हो जाता था। वहीं इसमें खर्च भी अधिक आता था। इस विधि में बदलते रंग के माध्यम से आयोडीन सैचुरेशन का पता लगता था लेकिन अब पीवा डिवाइस डिजिटलाइज है, इसमें वैल्यू देखकर आयोडीन का पता लग सकता है। इससे इस्तेमाल करने वाले यूजर को आसानी होगी। इसे भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफसीसीआई) की ओर से भी मंजूरी दे दी गई है। अलग-अलग खाद्य पदार्थों को बनाने के लिए खाद्य तेलों में आयोडीन सैचुरेशन की मात्रा भिन्न चाहिए होती है, इसमें यह डिवाइस उपयोगी होगी। वहीं खाद्य तेलों की क्वालिटी का भी पता चल सकेगा।
जल जीवन मिशन की चुनौतियों से निपटने के लिए किए जाएं शोध
सीएसआईआर-सीएसआईओ में सोमवार को जल जीवन मिशन पर विशेषज्ञों की ओर से सत्र में हिस्सा लिया गया। इस चर्चा में में प्रौद्योगिकीय प्रगति और शोध का उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि चुनौतियों का सामना किया जा सके और मिशन की प्रगति को गति दी जा सके। इसमें नगर निगम कमिश्नर आनिंदिता मित्रा के साथ सीएसआईआर के निदेशक डॉ. अनंथा रामकृष्ण भी मौजूद रहे।