रियो ओलंपिक में पहली ही कुश्ती हारे पहलवान योगेश्वर दत्त को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। उनकी मां ज्यादा खुश नहीं हैं।
लंदन ओलंपिक में 60 किलो भारवर्ग में कांस्य पदक जीतने की उपलब्धि योगेश्वर के लिए रजत पदक जीतने में तब्दील हो सकती है। जब ये बात योगेश्वर की मां को बताई गई तो वे बोलीं, अगर ये पदक 4 साल पहले मिलता तो ज्यादा खुशी लेती। फिल्हाल वे योगेश्वर के भव्य स्वागत की तैयारियों में जुटी हैं।
कुछ ही दिन में गांव लौटेंगे योगेश्वर
योगेश्वर दत्त शनिवार सुबह रियो से स्वदेश लौट आए थे, लेकिन अभी गांव नहीं पहुंचे हैं। योगेश्वर के बड़े भाई मुकेश ने बताया कि योगेश्वर अकादमी खोलना चाहते हैं। इसके लिए गोहाना में जमीन ले रखी है। अकादमी के कागजात तैयार करवाने के चलते दिल्ली में एक सप्ताह व्यस्त रहेंगे।
साथ ही अखिल भारतीय कुश्ती फेडरेशन के पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। वहीं, भैंसवाल कलां के मिठान पाने के सरपंच राजेश मलिक ने बताया कि रियो ओलंपिक में चाहे योगेश्वर मेडल से चूक गए, लेकिन गांव में जब भी आएंगे, उनका विजेता की तरह स्वागत करेंगे।
लंदन ओलंपिक में जीता था कांस्य पदक
योेगेश्वर दत्त
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योगेश्वर दत्त ने लंदन ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन अब चार साल बाद उसका रंग बदलने वाला है। ऐसा लंदन ओलिंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट बेसिक कुदुखोव के डोपिंग के दोषी पाए जाने के कारण होगा।
कुदुखोव का मेडल छीन लिया गया है, जो अब योगेश्वर को मिलेगा। कुदुखोव ने ही प्री-क्वार्टर फाइनल में योगेश्वर को हराया था। 2012 ओलंपिक का सिल्वर मेडल मिलते ही योगेश्वर दत्त यह मेडल पाने वाले दूसरे पहलवान हो जाएंगे। 2012 ओलंपिक में सुशील कुमार ने 66 किलोग्राम वर्ग में कुश्ती का सिल्वर मेडल जीता था।
कुश्ती संघ के पास अधिकारिक सूचना नहीं
योगेश्वर दत्त
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भारतीय कुश्ती संघ को सोमवार को यह सूचना मिली कि रूसी पहलवान बेसिक कुदखोव डोप में फंस गए हैं।
कुश्ती संघ के पास इस बारे में कोई अधिकारिक सूचना नहीं है लेकिन उसने इस बारे में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) से जानकारी मांग ली है। खास बात यह है कि जिन कुदखोव के डोप में फंसने की बात की जा रही है उनकी 2013 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है।
सूत्र बताते हैं कि कुश्ती संघ का दावा है कि कुदखोव डोप में फंस गए हैं और ऐसे में लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर का रजत पदक पर अधिकार बनता है। इस लिहाज से उसकी ओर से यूडब्ल्यूडब्ल्यू से पूछा गया है अगर कुदखोव डोप में फंसते हैं तो उनकी ओर से जीता गया रजत पदक योगेश्वर को दिया जाएगा या नहीं। हालांकि कुश्ती संघ को जवाब नहीं मिला है लेकिन माना जा रहा है कि 2008 और 2012 के ओलंपिक के दौरान रूसी पदक विजेताओं के संरक्षित किए गए डोप सैंपलों को अत्याधुनिक मशीनों के जरिए टेस्ट कराया जा रहा है जिसमें कई पदक विजेता रूसी वेटलिफ्टर और एथलीट डोप में फंसे हैं।
कुश्ती संघ का यही मानना है कि यही प्रक्रिया रूसी पहलवानों के साथ दोहराई गई है। कुश्ती संघ के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें कुदखोव के डोप में फंसने की पक्के सूत्रों से जानकारी मिली है। हालांकि यह अंतिम फैसला यूडब्ल्यूडब्लयू का ही रहेगा कि योगेश्वर को रजत पदक दिया जाएगा या नहीं।