सिटी ब्यूटीफुल में साल 2024 की घटनाओं की गूंज देश के कोने-कोने में सुनाई दी। शहर में दो बम धमाकों से दहशत दिखी। वहीं, एक जुलाई को तीन नए कानूनों को देशभर में सबसे पहले 100 प्रतिशत लागू करने का खिताब चंडीगढ़ के नाम रहा। इस साल में कई बड़ी उपलब्धियां चंडीगढ़ पुलिस के नाम रहीं।
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इस साल शहर में दो बम धमाकों के दाग पड़े। सितंबर महीने में सेक्टर-10 स्थित कोठी नंबर 575 में हैंड ग्रेनेड फेंका गया। इसमें पंजाब पुलिस के पूर्व एसएसपी जसकीरत सिंह चहल की पहले भी हत्या की योजना बनाई गई थी। इसका चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस ने खुलासा किया था। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, दूसरा बम धमाका बीते 26 नवंबर को सेक्टर-26 में देसी बमों से किया गया। ब्लास्ट से एक क्लब के शीशे टूट गए जबकि दूसरे क्लब में कोई नुकसान नहीं हुआ। इस मामले की जिम्मेदारी विदेश में बैठे गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा ने एक पोस्ट वायरल कर ली थी। इनमें सेविले क्लब का मालिक रैपर बादशाह है, जिसमें अन्य कई लोग भी पार्टनर है।
तीन नए कानूनों से देश में मिली नई पहचान
एक जुलाई को देशभर में तीन नए कानून लागू भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम संहिता 2023 लागू हुए। इन तीनों कानूनों को 100 प्रतिशत लागू करने वाला चंडीगढ़ देश का सबसे पहले सिटी बना। सितंबर महीने में पहले गृहमंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में आकर इन कानूनों को लेकर नया एप लांच किया। इसके बाद तीन दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह फिर से चंडीगढ़ आए। उन्होंने पेक में बनाए गए तीन नए कानूनों की मॉडल के जरिए समीक्षा की।
आज तक के रिकॉर्ड में सबसे अधिक इमिग्रेशन धोखधड़ी के मामले
यूटी पुलिस ने इस साल 25 दिसंबर तक शहर के विभिन्न थानों में विदेश भेजने के नाम पर इमिग्रेशन धोखाधड़ी के करीब 210 मामले दर्ज किए हैं। इनमें इमिग्रेशन कंपनियों ने चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से लेकर केरला और नेपाल के लोगों से भी ठगी की गई। इन कंपनियों ने लोगों से करीब 39 करोड़ ठग लिए और लोगों को विदेश तक नहीं भेजा। हालांकि, यूटी पुलिस ने इस साल में बिना परमिशन के चल रही कई इमिग्रेशन कंपनी संचालकों के खिलाफ भी कई केस दर्ज किए हैं।
डिजिटलाइजेशन में एआई से बढ़े धोखाधड़ी के मामले
चंडीगढ़ में इस साल ऑनलाइन और एआई की धोखाधड़ी के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। ठगों ने ऑनलाइन करोड़ों की ठगी की। पुलिस के पास करीब 8500 शिकायतें आई थीं, जिसमें इस साल में अभी तक करीब 121 ठगी के मामले केवल आर्थिक अपराध शाखा ने दर्ज किए हैं। इन दर्ज किए गए मामलों में लोगों से ठगी का आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंच चुका है। हालांकि, पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई मामलों में त्वरित कार्रवाई कर करीब सात करोड़ विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करवाए हैं और 60 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी करवाई है। इसके अलावा इस साल में डिजिटल अरेस्ट करने के मामले भी सामने आए हैं, जिसमें 10 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ की ठगी लोगों को झांसे में लेकर की गई है।
14 साल पुराना एमबीए छात्रा हत्याकांड का खुलासा
मलोया पुलिस थाना ने करीब 14 साल पुराने एमबीए छात्रा हत्याकांड को सुलझाया। पुलिस ने सीएफएसएल की मदद से 38 वर्षीय आरोपी मोनू कुमार निवासी झुग्गी नंबर-16 शाहपुर कॉलोनी सेक्टर-38 वेस्ट को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद दो अन्य महिलाओं के साथ दुष्कर्म और हत्या करने के मामलों को भी सुलझाया गया। इस आरोपी ने एक नहीं बल्कि तीन महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने के बाद उनकी हत्या करने की वारदातों को अंजाम दिया था। आरोपी पेशे से टैक्सी ड्राइवर है और अभी फिलहाल जेल में बंद है।
पूर्व एआईजी ने दामाद को गोलियां मारकर की हत्या
चंडीगढ़ जिला अदालत में 3 अगस्त को पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मलविंदर सिंह सिद्धू ने दिल्ली में तैनात अपने दामाद आईआरएस ऑफिसर हरप्रीत सिंह को गोलियां मारकर उसकी हत्या दी। मलविंदर सिंह सिद्धू ने जिला पारिवारिक न्यायालय परिसर में करीब पांच गोलियां चलाई गईं, जिसमें से दो उनके दामाद को लगी जबकि एक गोली मीडिएशन कमरे के दरवाजे पर लगी। हरप्रीत सिंह कृषि विभाग में आईआरएस था। दोनों परिवारों के बीच पिछले कुछ महीनों से घरेलू विवाद चल रहा था। इस मामले में दोनों पक्ष घटना के दिन चंडीगढ़ जिला पारिवारिक न्यायालय में तीसरी बार मीडिएशन के लिए पहुंचे थे।
ट्रैफिक चालान ने तोड़ा रिकॉर्ड, पुलिस की आमदन घटी
इस साल ट्रैफिक पुलिस की ओर से किए गए चालान के आंकड़ों पर गौर करें तो अभी तक चालान का आंकड़ा साढ़े 10 लाख से पार पहुंच चुका है। पुलिस के चालान का आंकड़ा तो बढ़ गया लेकिन इनकी एवज में होने वाली कमाई घट गई है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में ट्रैफिक पुलिस ने दो लाख 32 हजार 319 चालान किए जबकि इनकी एवज में करीब 12 करोड़ 51 लाख 78 हजार 578 रुपये का राजस्व आया। ओवरस्पीड के करीब 64 हजार 132 चालान किए जबकि रेड लाइट जंप करने के करीब 4097 चालान की काटे गए। वर्ष 2022 में पुलिस ने छह लाख दो हजार 454 वाहन चालकों के चालान काटकर उनसे 11 करोड़ 13 लाख 7 हजार 708 रुपये का राजस्व सरकारी खाते में जमा करवाया। इनमें ओवरस्पीडिंग के एक लाख 84 हजार 166 चालान काटे गए जबकि रेड लाइट जंप करने के चालान का आंकड़ा एक लाख 75 हजार 649 तक पहुंचा। वर्ष 2023 में पुलिस ने 9 लाख 55 हजार 487 वाहन चालकों के चालान किए और चालकों से 10 करोड़ 40 लाख 14 हजार 753 रुपये का राजस्व आया जबकि वर्ष 2024 में 25 दिसंबर तक ट्रैफिक पुलिस के चालान का आंकड़ा 10 साढ़े 10 लाख के पार पहुंच चुका है और राजस्व अभी तक महज करीब सात करोड़ ही आया है। आंकड़ों के मुताबिक पुलिस के चालान का आंकड़ा तो बढ़ गया लेकिन राजस्व कम हो गया है।
इस साल कई मामलों में पुलिस ने मारी बाजी
तीन कानूनों के तहत देशभर में चंडीगढ़ इकलौता ऐसा शहर है, जिसमें सीसीटीएनएस से लेकर एसएचओ की ट्रेनिंग और एफएसएल के इंटीग्रेशन तक काफी तेजी से काम किया गया। सिर्फ चंडीगढ़ में ही नए कानूनों के तहत करीब 22 आईटी विशेषज्ञ और 125 डाटा एनालिस्ट रखे गए हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस में 144 नए आई एक्सपर्ट कांस्टेबल भर्ती किए गए। थानों सहित अन्य कार्यालयों के लिए करीब 107 नए कंप्यूटर लगाए गए। सभी थानों में ई-गवाही के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम बनाए गए, जिसमें गवाही के लिए स्पीकर और दो वेब कैमरा लगाए गए। थाने में एएसआई या इससे ऊंचे स्तर वाले जांच अधिकारियों को 170 टेबलेट, 25 मोबाइल फोन दिए गए। आपराधिक कानूनों के तहत काम करने वाले इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) भी केवल यूटी पुलिस के पास है।
देश की सबसे पहले सेनकॉप्स साइबर सिक्योरिटी यूटी के पास
यूटी पुलिस के पास अपराध से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए देश की सबसे पहली सेनकॉप्स साइबर सिक्योरिटी सेल है। यह सेनकॉप्स चंडीगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की पुलिस को जटिल साइबर अपराध से जुड़े मामलों को सुलझाने और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सक्षम है। इसकी मदद से यूटी पुलिस को किसी भी मामले को सुलझाने में मदद मिलती है।
फिरौती के चलते गोलियों से गूंजा चंडीगढ़
इस साल में शहर में फिरौती मांगने के भी कई मामने सामने आए। सबसे पहला मामला जनवरी 2024 में सेक्टर-5 निवासी कारोबारी मक्कड़ ब्रदर्स की कोठी पर तड़के चार बजे अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग करने का सामने आया था। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से पहले दो करोड़ और फिर तीन करोड़ की फिरौती मांगी गई थी। सेक्टर-3 थाने में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया था। इस मामले जांच टीमों ने करीब आठ आरोपियों को गिरफ्तार करके मामले को सुलझाया। हालांकि, बाद में यह मामला एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया और मामले में अभी इसकी जांच चल रही है। इसके अलावा क्लबों में बाउंसर सप्लायर पर दो महीने पहले धनास के पास गोलियां चलाई गईं। बाउंसर सप्लायर से गोल्डी बराड़ के नाम से एक करोड़ रुपये फिरौती मांगी गई थी। इसके बाद सेक्टर-26 क्लबों में बम धमाके भी फिरौती को लेकर ही करवाए गए थे।