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यादें 2015: काफी चर्चित रहे हाईकोर्ट के 9 महत्वपूर्ण फैसले

Sat, 26 Dec 2015 11:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए हाईकोर्ट से इस साल कई महत्वपूर्ण फैसले और निर्देश आए। इन फैसलों से पंजाब के कई नेताओं को बड़ी राहत मिली। वहीं हाईकोर्ट से समय-समय पर जारी निर्देश हरियाणा के कर्मचारियों के लिए अहम साबित हुए। दूसरी ओर चंडीगढ़ प्रशासन के लिए भी यह साल राहत भरा ही रहा।
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पंजाब
मामला-1(ऑर्बिट केस में सुखबीर पर नरम रुख)
पंजाब के ऑर्बिट बस केस में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उपमुख्यमंत्री सुखबीर को राहत दी। ट्रांसपोर्ट मामलों में सुखबीर और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की ओर से हस्तक्षेप न किए जाने की मांग पर गौर करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया। वहीं सीबीआई ने भी मामले में जांच से इनकार कर दिया। इसी प्रकार डिवीजन बेंच ने भी ड्रग्स केसों में जमानत के लिए पहुंचे मामलों की जांच सीबीआई से कराने से इनकार कर दिया।

मामला-2 (आयकर मामले में बादल को राहत)
आयकर विभाग के नोटिस को चुनौती देती कई पूर्व व मौजूदा विधायकों की याचिकाएं हाईकोर्ट ने मंजूर कर लीं। इससे उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल व बीबी जागीर कौर सरीखे अकाली व कांग्रेसी नेताओं को बड़ी राहत मिली। कांसल में टाटा कैमलॉट प्रोजेक्ट के लिए इन नेताओं ने अपनी सोसाइटी की जमीन दी थी। एवज में मिली राशि पर आयकर विभाग ने नोटिस भेजे थे, लेकिन नेताओं को राशि पूरी नहीं मिली थी, लिहाजा हाईकोर्ट ने आयकर नोटिस रद्द कर दिए थे।
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मामला-3 (अदालत के जोर पर निकाय चुनाव)
पंजाब में निकाय चुनाव हाईकोर्ट के डंडे से ही संभव हो सका। चुनाव में बड़ी बात यह रही कि केवल मोहाली नगर निगम चुनाव सुर्खियों में रहा। एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। पूरे पंजाब में यह एक ऐसा मामला था, जिसमें नामांकन दाखिल करने की समय सीमा निकल जाने के बाद नामांकन पत्र मंजूर करने का आदेश हुआ। इस शिअद उम्मीदवार सुखदेव सिंह पटवारी का चुनाव परिणाम हाईकोर्ट में घोषित हुआ। इससे पहले एक अन्य परिषद के लिए अंतिम दिन नामांकन पत्र दाखिल करने से वंचित रहे एक पार्टी के कई उम्मीदवारों की याचिकाएं खारिज हो गई थीं।

हरियाणा मामला-1 (गेस्ट टीचरों की विदाई)

कर्मचारियों से जुड़े कई मामले चर्चा में रहे। हाईकोर्ट ने जहां साढ़े तीन हजार से अधिक सरप्लस गेस्ट टीचर्स को सेवामुक्त करने का आदेश दिया, वहीं योग्यता पूरी न करने वालों को गेस्ट टीचर लगाने वाले प्रिंसिपलों और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश भी दिया। वहीं जेबीटी शिक्षक भर्ती में फर्जी उम्मीदवारों के खिलाफ एफआईआर का आदेश भी हाईकोर्ट से हुआ। उधर, तरक्की में आरक्षण के मामले में एससी कर्मियों को झटका लगा।

मामला-2 (प्लाटों की बंदरबांट पर सख्ती)
हरियाणा में प्लाटों की बंदरबांट के तीन मुद्दों पर हाईकोर्ट ने बड़े निर्देश दिए। पंचकूला के औद्योगिक प्लाटों के आवंटन में विजिलेंस जांच का आदेश दिया। विजिलेंस ने पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा को बतौर हुडा चेयरमैन आरोपी बताते हुए एफआईआर दर्ज की है। हाईकोर्ट ने रोहतक के करीब 222 प्लाटों की अलाटमेंट रद्द करते हुए नए सिरे से अलाटमेंट का निर्देश दिया। हजारों प्लाटों की अलाटमेंट के मामले में  राहत देते हुए हाईकोर्ट ने इन प्लाटों की कंपाउंडिंग की संभावना तलाशने का निर्देश दिया। अलॉटमेंट में गड़बड़ी की जांच सीबीआई हवाले किए जाने की मांग चल रही थी।

मामला-3 (दवा खरीद केस की सीबीआई जांच को मंजूरी)
गेहूं की फसल के लिए कीटनाशक दवा की खरीद में घोटाला समाने आया। हरियाणा सरकार की ओर से सीबीआई जांच के फैसले पर हाईकोर्ट ने मुहर लगाई। मामले में दवा कंपनी की दलील डिवीजन बेंच ने नहीं मानी। आखिर कंपनी ने नए सिरे से याचिका दायर की। अभी कंपनी को राहत नहीं मिली है।
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चंडीगढ़ मामला-1 (कोर्ट पहुंचा हवाई अड्डा केस )

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन से पहले ही इससे जुड़ा मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। उद्घाटन के लिए आए पीएम मोदी के कार्यक्रम को राजनीतिक रैली बताते हुए इस पर आए खर्च की वसूली भाजपा से कराने की मांग को लेकर याचिकाएं दायर हुईं, लेकिन यह अर्जियां रद्द कर दी गईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने निजी विमानन कंपनियों की सेवाएं नए एयरपोर्ट के लिए बंद कर दी थीं।

निजी कंपनियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस पर कंपनियों की सेवाएं हाईकोर्ट ने बरकरार रखीं। उधर, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की समय सीमा तय करने की मांग को लेकर एक और याचिका दायर हुई हैं।

मामला-2 (बेतरतीब निर्माण पर जवाबतलबी)
चंडीगढ़ के आसपास पंचकूला और मोहाली में बेतरतीब निर्माण को एक्ट का उल्लंघन बताते हुए उचित कार्रवाई की मांग को लेकर दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन, पंजाब और हरियाणा से जवाब मांगा था। तीनों ने कहा था कि पहले हुए निर्माण पर कार्रवाई करना संभव नहीं है।

मामला-3 (ईडी की जांच को चुनौती)
शहर के एक वकील मुकेश मित्तल के मुंशी समेत कुछ अन्य की कथित कंपनियों की ईडी की ओर से शुरू की गई जांच को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। यह याचिका मित्तल के मुंशी अजय सिंह व दो अन्य ने दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने याचिकाएं खारिज कर दी हैं। साथ ही ईडी की ओर से जांच जारी रखने का निर्णय दिया है। पहले विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की और बाद में मनी लॉन्डरिंग की जांच ईडी ने शुरू की।
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