वर्ष 2017 की पहली समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तानी मुसाफिर भारत आए तो उन्होंने कई बड़ी बातें कहीं। आतंकियों पर भी खुलकर बोले। समझौता एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय साढ़े बारह बजे से आधे घंटे देरी से पाकिस्तान से भारत पहुंची। समझौता एक्सप्रेस में दोनों देशों के बीच 196 मुसाफिरों ने यात्रा की। भारत से पाकिस्तान जाने वाले मुसाफिरों की संख्या 94 थी और पाकिस्तान से आने वाले मुसाफिरों की संख्या 102 थी।
समझौता एक्सप्रेस भारत से पाकिस्तान अपने निर्धारित समय डेढ़ बजे के बजाए दो बजकर पांच मिनट पर पाकिस्तान रवाना की गई। खास बात है कि 2017 की पहली समझौता भारत बिना मिठाई के आई। जबकि अमूमन तौर पर पर नववर्ष के पहली समझौता एक्सप्रेस में दोनों देशों के रेल अधिकारी नववर्ष की मुबारकबाद देते हुए एक-दूसरे को मिठाई दुआओं के साथ देते रहे हैं।
समझौता एक्सप्रेस से वतन लौटे कैराना के मोहम्मद नवाज कहते हैं कि मेरी यही दुआ है कि पाकिस्तान शरीफ बने। लाहौर की रहने वाली खातून बेगम कहती हैं कि दोनों देशों के बीच रिश्ते पाक रहे। यह संयोग है कि ठीक एक वर्ष पहले पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट में आतंकी कहर बरपाया और उसमें सात पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।