राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने यहां हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों से राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करवाया जा रहा है। एनडीए के उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने के लिए सांसदों और विधायकों पर ईडी, आयकर और सीबीआई दबाव डाल रही हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में खौफ का वातावरण है, राजनीतिक फायदे के लिए सांप्रदायिकता का जहर घोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला, आदिवासी और एसटी से होने के कारण वह द्रौपदी मुर्मू का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन नरेंद्र मोदी वास्तव में ही आदिवासियों, महिलाओं और एसटी का उत्थान करना चाहते हैं तो खुद इस्तीफा देकर मुर्मू को प्रधानमंत्री पद पर बिठाएं। देश के हालात सबको पता हैं, इसलिए यह एक असाधारण चुनाव है। इसमें जो दृश्य दिख रहा है, उसके पीछे भी एक दृश्य है।
उन्होंने कहा कि बीते साठ साल में सरकारी एजेंसियों का इतना दुरुपयोग कभी नहीं हुआ। ईडी अब प्रवर्तन निदेशालय की जगह बदनाम निदेशालय बन गया है। वह वाजपेयी सरकार में खुद वित्त मंत्री रहे, तब ईडी उनके अधीन हुआ करती थी। आज जो हो रहा है, वैसा उस समय करने का ख्याल कभी मन में नहीं आया। अटल सरकार सहमति के आधार पर चलती थी, यह सरकार टकराव के साथ आगे बढ़ रही है।
ईडी के दम पर गिराई गई उद्धव सरकार
महाराष्ट्र में उद्धव सरकार ईडी के दम पर ही गिराई गई। गोवा में कांग्रेस को तोड़ने का प्रयास भी केंद्रीय एजेंसियों के दम पर ही हो रहा है। शिवसेना का एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला भी दबाव में ही आया है। यह विपक्ष के लिए झटका भी है। भाजपा एक राष्ट्र-एक शासक के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है।
अगर वह राष्ट्रपति चुने गए तो शपथ लेने के अगले दिन ही ये सब बंद करा देंगे। वर्तमान राष्ट्रपति का कार्यकाल खामोशी भरा रहा, एनडीए की उम्मीदवार जीतती हैं तो वह रबर स्टांप राष्ट्रपति होंगी। हरियाणा के कांग्रेस विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए वह मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे थे। वह नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के निवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी शामिल हुए। बैठक में बागी कुलदीप बिश्नोई को छोड़कर अन्य तीस विधायक शामिल रहे।
मुझे भी बुलडोजर का भय
यशवंत सिन्हा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। चूंकि, उनके अंदर भी बुलडोजर का भय है। वह यूपी के ही नोएडा में रहते हैं। कुछ कह दूंगा तो हो सकता है कि वह मेरा मकान गिराने के लिए भी बुलडोजर भेज दें।
अब वह भाजपा नहीं रही
सिन्हा ने कहा कि जिस भाजपा में वह थे, अब वह नहीं रही। आज बिल्कुल नई पार्टी है। पहले सहमति से सारी बातें तय होती थीं, आज निर्णयों को थोपा जाता है। एक व्यक्ति के सिद्धांत पर पूरी सरकार और भाजपा चल रही है। अग्निपथ, बेरोजगारी और महंगाई को लेकर जनता में भारी नाराजगी है।