टोक्यो ओलंपिक के टिकट की उम्मीद खत्म होती देखकर पहलवान साक्षी मलिक, सरिता और गुरशरण कौर ने ऐसा खेल खेला, जिससे सभी को चौंका दिया है। साक्षी मलिक ने अपने भार वर्ग 62 किलो के ट्रायल में हारने के बाद एक सप्ताह में तीन किलो वजन बढ़ाने के साथ खूब प्रैक्टिस करते हुए अब दोबारा 65 किलो में ट्रायल दिया। जिसमें उसे एशियन चैंपियनशिप का टिकट भी मिल गया है। साक्षी के अलावा सरिता भी 57 किलो के ट्रायल में हारने के बाद वजन बढ़ाकर 59 किलो में उतरी तो गुरशरण कौर भी 76 किलो में हारने के बाद 72 किलो में खेलीं।
यह दोनों भी एशियन चैंपियनशिप का टिकट लेने में कामयाब रहीं। यह सभी एशियन चैंपियनशिप में मेडल जीत जाती हैं तो इनको ओलंपिक के लिए आगे मौका मिलने की उम्मीद रहेगी। साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक में देश के लिए 58 किलो में कांस्य पदक जीता था। जिसके कुछ समय बाद ही साक्षी ने अपना भार वर्ग बढ़ा लिया था और वह इस समय 62 किलो में खेल रही थीं, जो ओलंपिक का भार वर्ग है। लखनऊ में पिछले सप्ताह रैंकिंग कुश्ती सिरीज व एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के लिए हुए ट्रायल में बड़ा उलटफेर हुआ था।
ओलंपिक के भार वर्ग 50, 53, 57, 62, 68, 76 किलो में ट्रायल कराए गए थे, जहां 62 किलो में सोनम ने साक्षी को हराकर दोनों प्रतियोगिता में जगह बनाई थी। जिससे साक्षी मलिक का टोक्यो ओलंपिक में खेलने का सपना टूटता हुआ दिख रहा था, क्योंकि रैंकिंग सिरीज व एशियन चैंपियनशिप के आधार पर ओलंपिक क्वालीफाई चैंपियनशिप में पहलवानों को भेजा जाना है। लखनऊ में रविवार को एशियन चैंपियनशिप के लिए नॉन ओलंपिक भार वर्ग 55, 59, 65, 72 किलो के ट्रायल हुए, जिसमें 65 किलो में साक्षी मलिक उतरी तो हर कोई चौंक गया।
क्योंकि वह टोक्यो ओलंपिक के टिकट की उम्मीद लिए एक सप्ताह में तीन किलो वजन बढ़ाकर उतर रही थीं। जिसमें साक्षी को कामयाबी मिली और उसने अनिता व निशा को हराकर एशियन चैंपियनशिप के लिए जगह पक्की कर ली।