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बेटों से कम नहीं किसान की ये बेटियां, जानिए सफलता की कहानी

Mon, 06 Jun 2016 11:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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हरियाणा की पहलवान बेटियों ने जीते कुश्ती में पदक - फोटो : अमर उजाला
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बेटियां, बेटों से किसी भी मामले में कम नहीं। ये साबित कर दिखाया किसान की बेटियों ने, वो भी विदेशी सरजमीं पर। उन्होंने वहां पर कुश्ती के ऐसे दांव दिखाए कि विरोधी पस्त और उन्हें मिला मेडल। बात हो रही है हिसार के सिसाय गांव के किसान की बेटी पूजा सिहाग और नवीन की।
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इन्होंने फिलीपींस के मनीला में आयोजित सब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में रजत और कांस्य पदक हासिल किया है। मनीला में 31 मई से 4 जून तक आयोजित प्रतियोगिता में पूजा ने 72 किलोग्राम भारवर्ग में और नवीन ने 55 किलोग्राम भारवर्ग में यह पदक हासिल किए। सिसाय की मंजू ने भी इनके साथ ही प्रतियोगिता में शिरकत की, लेकिन कोई पदक हासिल नहीं कर पाई।

दोनों अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आठ-आठ बार पदक जीत चुकी हैं
सिसाय गांव की रहने वाली पूजा और मंजू दोनों के पिता खेती करते हैं और उनके परिवार के आर्थिक हालात भी काफी कमजोर हैं। बावजूद इसके पूजा ने लगातार तीसरी अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में पदक हासिल किया है। साथ ही सिसाय की मंजू ने भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दोनों अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आठ-आठ बार पदक जीत चुकी हैं।
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पूजा ने तीन बार एशिया में, मंजू ने साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया है। पूजा और मंजू दोनों ही एमडीयू रोहतक में बीए प्रथम वर्ष की छात्राएं हैं और विश्वविद्यालय से परमिशन लेकर सिसाय की अल्टियस स्पोर्ट्स एकेडमी में कोच ऊषा शर्मा सिहाग, जगमिंदर फौजी, संजय सिहाग के पास प्रशिक्षण लेती हैं। नवीन गांव में ही मास्टर चंदगीराम व्यायामशाला में कुश्ती का प्रशिक्षण लेता है।
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