चंडीगढ़। भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी शनिवार को गणेश चतुर्थी का उत्सव शुरू हुआ। कोरोना महामारी के कारण इस बार गणेश पूजा कार्यक्रम बड़े स्तर पर नहीं किया जा रहा है। मंदिरों के साथ घरों में कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए गणपति की स्थापना कर पूजा की गई। सेक्टर-29 स्थित साईं मंदिर में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ विघ्नहर्ता का स्वागत किया गया। मंदिर के प्रबंधक सुभाष कुमार ने बताया कि कालीबाड़ी से गणेश जी की प्रतिमा लाई गई है। गणपति महोत्सव सभा चंडीगढ़ के प्रधान प्रदीप बंसल ने बताया कि इस बार गणेशोत्सव पर सार्वजनिक समारोह का आयोजन नहीं होगा।
सेक्टर-32 के गुग्गामाड़ी मंदिर में गणपति की पूजा-अर्चना की गई। पहले सेक्टर 32 मार्केट में विशाल पंडाल में गणपति की पूजा होती थी, लेकिन इस बार कोविड 19 के कारण बड़ा कार्यक्रम नहीं रखा गया है। मनोनीत पार्षद सचिन लोहटिया ने घर में गणपति स्थापना कर शनिवार को पूरे परिवार के साथ गणपति पूजन किया। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष एमबी साने ने बताया कि सेक्टर-19 स्थित महाराष्ट्र भवन में शाम को भगवान गणेश की पूजा कर मुख का दर्शन कराया गया। उन्होंने बताया कि मूर्ति विसर्जन नदी की बजाय बड़े ड्रम में किया जाएगा और उसका जल पेड़ पौधों में डाल जाएगा ताकि गणपति हमारे बीच हर पल मौजूद रहें। भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के जिला अध्यक्ष रविन्द्र पठानिया ने गणपति बप्पा की स्थापना अपने निवास स्थान बडहेड़ी में की।
गणपति महोत्सव सभा की ओर से सेक्टर-32 मार्केट में गणेश जी को विराजमान किया गया। सभा के प्रधान प्रदीप बंसल ने बताया कि इस बार करोना महामारी को देखते हुए प्रशासन की ओर से जारी मानकों का पालन कर गणपति उत्सव छोटे स्तर पर किया गया है। इस बार गणपति की ईको फ़्रेंडली मूर्ति को ग़ुग्गा माड़ी मंदिर में विराजमान किया गया है। यह उत्सव सिर्फ दो दिन के लिए मनाया जा रहा है। रविवार को गणपति का विसर्जन घग्गर नदी में किया जाएगा।