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चंडीगढ़ : दीपोत्सव आज, प्रदोष काल में करें पूजा, होगी धनवर्षा, यहां जानें शुभ मुहूर्त

Sat, 14 Nov 2020 02:38 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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दिवाली। - फोटो : फाइल फोटो
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कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दिवाली मनाई जाती है। इस बार अमावास्या शनिवार दोपहर 2:18 मिनट से प्रारंभ होकर रविवार सुबह 10:37 मिनट तक रहेगी। दिवाली का पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में करने का विधान है। इसलिए दिवाली शनिवार को मनाई जाएगी। यह बात सेक्टर-30 के श्री महाकली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कही।

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उन्होंने कहा कि शाम 5 बजकर 21 मिनट से रात 8 बजकर 04 मिनट तक प्रदोष काल है। शाम 7:21 बजे तक बृष लग्न विशेषकर उत्तम रहेगा। प्रदोष काल में बृष लग्न स्वाति नक्षत्र रात 8:06 बजे तक है। शाम 7:05 बजे तक लाभ की चौघड़िया रहने से 14 नवंबर की रात 7:07 बजे से पहले श्री गणेश लक्ष्मी पूजन का शुभारंभ कर लेना चाहिए। इस काल अवधि में श्री लक्ष्मी-गणेश का पूजन और श्री सूक्त का पाठ करना उत्तम रहेगा।
 

 


वहीं निशीथ काल रात 8:06 बजे से रात 10: 48 बजे तक है। इस काल में शुभ की चौघड़िया रात 8:48 बजे से लेकर रात 10:30 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमृत की चौघड़िया 10:30 बजे से रात 12:12 मिनट तक रहेगी। इसलिए जो लोग किसी कारण से प्रदोष काल में पूजा न कर सके हों, वे निशीथ काल में पूजा कर सकते हैं।

 

रात 8:48 बजे के बाद पूर्ण रात्रि पूजन के लिए श्रेष्ठ है। रात 8:48 बजे के बाद श्री गणेश-लक्ष्मी की पूजा समाप्त करने के बाद कनक धारा सूत्र, श्री सूक्त, गणेश सूक्त का पाठ करना चाहिए।

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मिश्र ने कहा कि महानिशीथ काल रात 8:51 बजे से लेकर आधी रात 1:33 बजे तक है। इस काल अवधि में अमृत व चर की चौघड़िया अत्यंत शुभ है। इस प्रकार संपूर्ण रात्रि मां की उपासना की जाती है। पूजन करने के बाद सुबह सूर्योदय के समय हवन करना चाहिए।
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