25 हजार जड़ी बूटियों की प्रजातियों से 100 एकड़ में विश्व का पहला हर्बल फॉरेस्ट मोरनी की पहाड़ियों में बनेगा। इसकी घोषणा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने की। विज ने कालका विधायक लतिका शर्मा के साथ रविवार को इस इलाके की समीक्षा की।
थापली में हुई बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने इस परियोजना पर विस्तार से चर्चा की। ये परियोजना राज्य में हर्बल पौधों को प्रोत्साहन देने और चिकित्सीय पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से लाई जा रही है। ये वन विदेशी पर्यटकों, शोधकर्ताओं और बुद्धिजीवियों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।
परियोजना चरणबद्ध तरीक से लागू की जाएगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये के बजट का आंकलन किया गया है। अनिल विज ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए योग गुरु बाबा रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की मदद ली जाएगी।
वहीं, विधायक लतिका शर्मा ने बताया कि इस जंगल में अलग-अलग रोगों और हर्बल इलाज की थीम पर आधारित विशेष बाग बनाए जाएंगे। विशेष प्रबंधों से पौधे प्राप्त किए जाएंगे और मोटर पावर द्वारा सिंचाई से नर्सरी तैयार की जाएगी।
हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक की ओर से गठित टीम पहले ही मोरनी हिल्स के कई इलाकों का सर्वेक्षण कर चुकी है। यहां जौनपुर, चपलाना बीट फॉरेस्ट में 100 एकड़ भूमि चिह्नित कर चुकी है।