ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ फ्लाईओवर बनाने का प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। सड़क परिवहन, राज्यमार्ग एवं जहाजरानी मंत्रालय ने यूटी प्रशासन को दोबारा से फ्लाईओवर के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर कॉल कराने को कहा है।
यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक फ्लाईओवर के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए जो टेंडर कॉल किया गया था, टेंडर अलॉटमेंट का रेट अधिक था। जिसके चलते सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्रालय ने यूटी प्रशासन द्वारा टेंडर को खारिज कर दिया। यूटी प्रशासन को दोबारा से डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर कॉल करने को कहा है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो पहले जो टेंडर कॉल किया था, उस टेंडर में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की मंजूरी मांगी गई थी। मिनिस्ट्री ने कम खर्च में फ्लाईओवर के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराने के लिए कहा है।
इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक 300 करोड़ रुपये की लागत से ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ फ्लाई ओवर तैयार किया जाएगा। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने क्लोवरलीफ निर्माण का यह एस्टीमेट तैयार किया है। जल्द ही यह एस्टीमेट रिपोर्ट केंद्रीय सड़क परिवहन, राज्यमार्ग एवं जहाजरानी मंत्रालय को भेज दी जाएगी। इससे पहले डीपीआर तैयार कर मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी। राष्ट्रीय राज्यमार्ग होने के कारण इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च भी केंद्र सरकार ही वहन करेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से भी प्रोजेक्ट पर मंजूरी ली गई है।
एक दिन में गुजरते हैं डेढ़ लाख वाहन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ सांसद किरण खेर
- फोटो : amar ujala
हालांकि पहले ट्रिब्यून चौक पर फ्लाइओवर बनाने की बात चल रही थी। लेकिन इंजीनियरिंग विभाग ने क्लोवरलीफ फ्लाईओवर का एस्टीमेट तैयार किया है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि केवल फ्लाइओवर से ट्रैफिक की समस्या हल नहीं होगी। ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ ही बनेगा। सर्वे के बाद प्रशासन ने यह बात भी स्पष्ट कर दी है कि क्लोवरलीफ फ्लाईओवर के लिए ट्रिब्यून चौक पर पर्याप्त जगह है। इसलिए इसके निर्माण में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी।
एक दिन में गुजरते हैं डेढ़ लाख वाहन
ट्रिब्यून चौक पर सुबह और शाम के पीक आवर्स में राउंड अबाउट के चारों तरफ लंबा जाम लग जाता है। यह जाम की स्थिति जीरकपुर तक रहती है। चौक पार करने में कई बार रेड लाइट का सामना करना पड़ता है। बहुत से लोगों का रोजाना एक से डेढ़ घंटा इसी जाम में बर्बाद हो जाता है। हरियाणा से आने वाला अधिकतर ट्रैफिक दक्षिण मार्ग से ही चंडीगढ़ में प्रवेश करता है।
इसके अलावा पंचकूला, जीरकपुर और मोहाली का भी अधिकतर ट्रैफिक दक्षिण मार्ग से ही आता है। इतना ही नहीं शिमला की ओर जाने वाला ट्रैफिक जो शहर के साउथ सेक्टरों से आता है वह भी ट्रिब्यून चौक से होकर गुजरता है। इसलिए इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें रहती हैं। राइट्स ने जो सर्वे किया है उसके अनुसार रोजाना 1 लाख 43 हजार 170 वाहन ट्रिब्यून चौक से गुजरते हैं। जिसमें से 1 लाख 35 हजार 805 कार शामिल हैं।