सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर काम करते कर्मचारी
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पंजाब विश्वविद्यालय में 53 दिन बाद बुधवार को चहल-पहल दिखी। सभी कार्यालय खुले और अधिकारी भी पहुंचे। 33 फीसदी कर्मचारियों ने काम किया। विभागों में चेयरमैन पहुंचे और उन्होंने साफ-सफाई करवाई। विभागों को सैनिटाइज करवाया गया। कुछ विभागों में शिक्षक भी पहुंचे जो कुछ जरूरी कार्य निपटाते दिखे।
सभी के चेहरे मास्क से ढके हुए थे और दो गज की दूरी सभी के मध्य देखी गई। कोरोना के बचाव के लिए यह बहुत जरूरी है और इसका पालन पीयू में देखने को मिला। इसके अलावा पीयू ने खुलते ही दो कक्षाओं के सैकड़ों छात्रों का रिजल्ट जारी किया। इसमें बीए आनर्स इकोनॉमिक्स जो दिसंबर में एग्जाम हुआ था और दूसरा परिणाम बीएससी ऑनर्स केमिस्ट्री के तीसरे सेमेस्टर का जारी किया गया।
पीयू पिछले 54 दिन से कोविड के कारण घोषित लॉकडाउन के कारण बंद चल रहा था। कोई भी गतिविधियां नहीं हुई। पीयू ने वह दिन भी देखे कि घरों से बाहर दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आता था। हर किसी ने कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन तक का पालन किया। विद्यार्थियों को भी चिंता सता रही थी कि कोर्स कैसे पूरा होगा और परीक्षाएं कब होंगी। इसकी भी तैयारियां पीयू ने कर ली हैं।
बुधवार सुबह साढ़े दस बजे सभी कार्यालयों के गेट खुले और अधिकारी पहुंचे। उसके बाद कर्मचारी बुलाए गए। एडमिन ब्लॉक से लेकर वीसी कार्यालय तक में काम हुआ। रिसर्च से जुड़ा काम भी शुरू हुआ। कुछ अधिकारियों ने दो गज की दूरी बनाकर कई मुद्दों को सुलझाने की कोशिश भी की। वहीं दूसरी ओर सभी विभागों में पहुंचे चेयरमैन आदि ने सफाई कार्य करवाया। साथ ही सैनिटाइज का काम चला। हर विभाग में सैनिटाइजर रखवाए गए। साथ ही मास्क लगाने वालों को ही विभागों में अंदर आने की अनुमति दी गई।
पीयू के हर विभाग में दिन में तीन से चार बार सफाई हुई। शौचालयों को क्लीन रखने के आदेश दिए गए। इसके अलावा कर्मचारियों को शिफ्ट से काम लेने के तरीकों के बारे में संदेश भेजे गए। उनका समय निर्धारित किया गया। माना जा रहा है कि पीयू अब पेंडिंग कार्यों को दस से 15 दिन में निपटा लेगा। साथ ही विद्यार्थियों के सामने आ रही बाधाओं को भी दूर किया जाएगा। एडमिशन व एग्जामिनेशन संबंधित समस्याओं के लिए कॉल सेंटर खोला गया। नियुक्ति किए गए लोगों के पास कॉलें आईं और उनका समाधान किया गया।