‘समान शिक्षा व्यवस्था से ही समाज में समानता आएगी। मेरा मानना है कि शहर की कुछ सड़कें भले टूटी रह जाएं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था बदहाल नहीं होनी चाहिए। हर किसी को शिक्षा मिलनी चाहिए।’ यह कहना है एसडीएम सेंट्रल आईएएस नाजुक कुमार का। नाजुक कुमार के पिता आईएएस अनिल कुमार (रिटायर्ड) चंडीगढ़ के गृह सचिव रह चुके हैं जबकि पति आईपीएस विनीत कुमार चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नाजुक कुमार ने अमर उजाला से खास बातचीत की। आईएएस अफसर नाजुक कुमार शहर में एसडीएम सेंट्रल के साथ मंडी बोर्ड और इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट का काम भी देख रही हैं। उन्होंने स्कूली पढ़ाई चंडीगढ़ से ही की जबकि आईआईटी दिल्ली से स्नातक किया। इसके बाद कालेज प्लेसमेंट हुई तो एक साल प्राइवेट नौकरी भी की।
स्नातक में ही आईएएस की तैयारी शुरू कर दी लेकिन नौकरी के साथ पढ़ाई को पूरा समय नहीं दे पा रही थीं, इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह तैयारी में जुट गईं। वर्ष 2015 में परीक्षा पास कर 2016 में आईएएस बनीं। उन्होंने बताया कि प्राइवेट नौकरी में उन्हें वह संतुष्टि नहीं मिली जो आज सिविल सर्विसेज में मिलती है। बताया कि अलग-अलग विभागों का काम करने का मौका मिलता है तो सीखने को भी बहुत कुछ मिलता है। नाजुक कुमार ने कहा कि अभी हम जिस समाज में रह रहे हैं, उसमें पूरी तरह से समानता नहीं आई है।