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Womens Day: 'अपराजिता' बोलीं- महिलाएं सशक्त हैं और रहेंगी, जरूरत आगे विकल्प खोजने की है

Sun, 08 Mar 2020 11:47 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जीरकपुर
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संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने आईं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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नारी की शक्ति अपार है और वही सभी को एकसूत्र में पिरो सकती है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अमर उजाला द्वारा बलटाना के वेडिंग रिजॉर्ट में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने ये बात कही। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि अब महिला सशक्तीकरण की नहीं बल्कि महिलाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा विकल्प खोलने की तैयारी की जानी चाहिए।
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महिला सशक्तीकरण.. मुझको ऐसा लगता है कि अब इसके आगे की बात होनी चाहिए। महिलाएं तो सशक्त हैं हीं। उनको सशक्त करने की आवश्यकता नहीं है, हां यह जरूरी है कि महिलाओं के लिए कुछेक सुविधाएं दी जानी चाहिए।
- सरनजीत कौर

महिलाएं सशक्त हैं। जरूरी है कि वह एकजुट हों। एकता में ही बल होता है। मैंने यह देखा है कि अब काफी महिलाएं अपने ही दम पर अपना परिवार चला रही हैं। इतना ही नहीं, बड़े-बड़े पदों पर भी अब महिलाएं सेवाएं दे रही हैं।
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- नेहा शर्मा

महिलाएं अब पुरुषों से ज्यादा काम कर रही हैं। अब पहले जैसा जमाना नहीं रह गया है। पहले महिलाएं घरों में रहती थीं। अब दहलीज से निकलकर काम कर रही हैं। यह एक नया प्रयास है और महिलाएं तेजी से आगे आ रही हैं।
- रजनी शर्मा

महिला सशक्त है और रहेगी। यह ज्यादा जरूरी है कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा एक्सपोजर मिले। अब दकियानूसी बातों का समय नहीं रह गया है। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं और उनको हमें प्रोत्साहित करना चाहिए।
- डॉ. शिवानी वर्मा

मैंने देखा है कि आईटी, मार्केटिंग और कई अन्य क्षेत्रों के साथ ही महिलाएं रैंप पर भी कब्जा जमा चुकी हैं। ऐसे में हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए मंच प्रदान करके सहयोग दें।
- अंजली खुराना

हम आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं। महिला एक डोर की तरह होती है जो कि सभी को बांधकर रखती है तो फिर उसके लिए सिर्फ एक दिन का महिला दिवस क्यों। महिलाओं के लिए हर दिन महिला दिवस होता है।
- सपना

मैं अपने दो बच्चों को छोड़कर यहां फैशन शो में प्रतिभागिता के लिए आईं हूं। मैं ही नहीं, ऐसा अब काफी महिलाएं कर रही हैं। अब महिलाएं किसी से कम नहीं रह गई हैं। उनको ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
- प्रीति

मैंने खुद भी कई मेडल जीते हैं। मैं एथलीट रही हूं। अब शहर से गांव की ओर चलने का वक्त आ गया है। सिटी की महिलाओं में जागरूकता आ चुकी है और अब वक्त है ग्रामीण महिलाओं को जागरूक किया जाए।
- उषा शर्मा

मैंने मिसेज चंडीगढ़ का टाइटल जीता है और उस टाइटल ने मुझको काफी आत्मविश्वास दिया। नारी वास्तव में एक ऐसी शक्ति है जो कि दूसरों को शक्ति देती है। इससे पूरा का पूरा परिवार बंधा हुआ रहता है।
- आभा शुक्ला

मुझको लगता है कि महिलाओं पर अभी भी कमेंट जैसी बातें हो रही हैं। इनको रोकना चाहिए। इसके साथ ही घरेलू हिंसा को भी बंद किया जाना चाहिए। वास्तव में महिला एक रानी है और वह सम्मानित भी है।
- तृष्णा मंडल

मैंने भी मिसेज चंडीगढ़ का खिताब जीता है। मेरी जैसी ही कई महिलाएं हैं जो कि अब ज्यादा से ज्यादा आगे बढ़ना चाहती हैं। हमको किसी को दिखाती नहीं है कि हम कितनी सशक्त हैं बल्कि हम इससे आत्मविश्वास अर्जित करती हैं।
- प्रीत वालिया
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मैं एक वेब डिजाइनर हूं और मैं मिसेज इंडिया प्राइड ऑफ नार्थ भी रह चुकी हूं। महिलाओं के सशक्तीकरण पर मेरा मानना है कि महिलाएं खुद ही सशक्त हैं और अब इससे आगे की बात की जानी चाहिए। मुझे मेरी मां ने सशक्त किया और अब मैं अपनी बेटी को सशक्त करना चाहती हूं।
- जान्हवी बंसल

मैं अंबाला से हूं और मेरा मानना है कि महिला हमेशा अपने परिवार को आगे ले जाना चाहती है। एक घर में महिला की स्थिति एकदम अलग होती है। वही घर को बनाती है और उसको नई दिशा दिखाती है।
- निधि मेंहदीरत्ता

कोई यदि यह सोचता है कि महिला को सशक्त करने की आवश्यकता है तो ऐसा नहीं रह गया है। अब महिलाओं द्वारा लोगों को सशक्त किया जा रहा है। स्कूल से लेकर कॉलेज और कारपोरेट वर्ल्ड में महिलाएं चमक रही हैं।
- सोनिया शर्मा

मैं महिलाओं की नई पोजीशन को देखकर काफी खुश हूं। मैं उस हरेक महिला के साथ हूं जो कि अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए आगे आती हैं। अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
- शिवानी नारंग

महिलाओं का महत्व हमेशा से बड़ा रहा है। नामचीन महिलाओं के इतिहास को देखें तो ज्यादातर महिलाओं ने अपने दम पर अपना नाम बनाया है। अब भी ऐसा ही हो रहा है। हां, अब सुरक्षा को ज्यादा बढ़ाना चाहिए।
- जितेंदर पाल कौर
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