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Diljit Dosanjh Concert: सेक्टर 34 के आसपास के अस्पतालों में टाली गई सिजेरियन डिलीवरी, लोग परेशान

Sat, 14 Dec 2024 01:18 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अस्पताल प्रबंधकों का कहना है कि शो के कारण ट्रैफिक जाम और बैरिकेट्स से होने वाली देरी से मरीजों की जान जा सकती है। क्योंकि दूर दराज से आने वाले ज्यादातर मरीज रेफर होते हैं और उनकी स्थिति बेहद गंभीर होती है।
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दिलजीत दोसांझ के शो के लिए बंद किए गए रास्ते - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ के सेक्टर-34 के एग्जिबिशन ग्राउंड में आज गायक दिलजीत दोसांझ का शो है। शो को लेकर आसपास के निवासियों के साथ ही वहां स्थित अस्पताल के संचालक भी बहुत परेशान हैं। 
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सेक्टर- 34 और 33 में स्थित अस्पताल संचालकों ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या गर्भवती महिलाओं के केस में है। जिन महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी की डेट शनिवार की दी गई है, उन्होंने अगली डेट ले ली है। क्योंकि उन्हें और उनके परिवार को इस बात का डर था कि अगर शो के कारण समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए तो कोई भी अनहोनी हो सकती है। 

स्थिति यह है कि इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति शोर के कारण तो गंभीर हो ही रही, साथ ही जिन मरीजों को दूर दराज से अस्पताल आना है वे भी शो वाले दिन वहां आने से डर रहे हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही सेक्टर- 33 और 34 के आसपास स्थित मुकुट, हीलिंग, लैंडमार्क और बेदी अस्पताल के प्रबंधकों ने डीसी से मुलाकात कर इस समस्या का परमानेंट समाधान करने का आग्रह किया है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदर्शनी ग्राउंड को रैली ग्राउंड बना दिया गया है, जो गलत है। ऐसे शो सेक्टर- 25 के रैली ग्राउंड में होने चाहिए।
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अस्पताल प्रबंधकों का कहना है कि शो के कारण ट्रैफिक जाम और बैरिकेट्स से होने वाली देरी से मरीजों की जान जा सकती है। क्योंकि दूर दराज से आने वाले ज्यादातर मरीज रेफर होते हैं और उनकी स्थिति बेहद गंभीर होती है। उन्होंने डीसी से शिकायत की है कि कार्यक्रम के दौरान आसपास के निवासियों को तो असुविधा होती है साथ ही उनके अस्पतालों में भर्ती कई गंभीर मरीजों को भी तेज संगीत के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे ज्यादा समस्या हार्ट के मरीजों में होती है। इसके कारण परिवार वाले उन्हें उस दिन अस्पताल में रखने से डरते हैं। लेकिन उन मरीजों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें कहीं और भेजना संभव नहीं हो सकता।

बुजुर्गों को सता रहा डर

शहर के विभिन्न सेक्टरों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए भी ऐसे शो बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष व वर्ल्ड मेडिकल आर्गेनाइजेशन के एडवाइजर डॉ. आर एस बेदी का कहना है कि सेक्टरों में ज्यादातर बुजुर्ग घरों में अकेले रहते हैं। ऐसे में शो के दौरान अगर उनकी तबीयत खराब हुई तो वह किसी स्थिति में अस्पताल नहीं पहुंच पाएंगे। ऐसे में किसी की जान भी जा सकती है। इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है।

जीएमसीएच की राह भी मुश्किल
सेक्टर- 34 में होने वाले शो के कारण उस क्षेत्र में स्थित निजी अस्पतालों के साथ ही सेक्टर- 32 स्थित जीएमसीएच-32 पहुंचने वाले मरीजों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। बता दें कि जीएमसीएच-32 में चंडीगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर के मरीजों को रेफर किया जाता है। ऐसी स्थिति में जाम के कारण कई बार एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाती हैं।
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