गुलमोहर नगर में सोमवार सुबह शिक्षिका अंजलि चम (45) की संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत हो गई। जानकारी मिलने पर सिटी 2 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सिटी 2 के एसएचओ हरविंदर सिंह ने बताया कि पति के अनुसार यह सुसाइड का मामला है, जिसके आधार पर 174 की कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार अंजलि एक निजी स्कूल में साइंस की टीचर थी। हर रोज सुबह स्कूल के बच्चे उनके पास ट्यूशन पढ़ने आते थे। सोमवार सुबह साढ़े छह बजे अंजलि बच्चों को पढ़ाने के लिए उठी लेकिन उसने मेन गेट नहीं खोला, जबकि वह हर रोज उठकर पहले मेन गेट खोलती थी। जब ट्यूशन पर आने वाले बच्चों ने गेट खड़कने की आवाज आई तो वह बाहर गए। इसी दौरान उन्होंने देखा कि अंजलि की लाश लॉबी में पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पति धरमिंदर के अनुसार अंजलि डिप्रेशन की मरीज थी और काफी समय से दवाई ले रही थी। उनकी एक बेटी है जो कनाडा में पढ़ाई कर रही है।
मृतका के भाई विवेक चंद के अनुसार, लोहड़ी के दिन तड़के 4 बजे अंजलि ने कनाडा में बेटी से फोन पर बातचीत की। करीब ढाई घंटे बाद सुबह साढ़े छह बजे उनकी मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार अंजलि के बेटी डॉक्टरी पढ़ रही है और उसे पीआर मिलने में कुछ परेशानी आ रही है। सोमवार को अपनी बेटी से फोन पर बात होने के बाद से अंजलि ज्यादा टेंशन में थी। करीब साढ़े छह बजे अंजलि ने अपने पति की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
गॉड आफ साइंस के नाम से थी फेमस
नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के बच्चों को केमिस्ट्री की ट्यूशन पढ़ाने वाली अंजलि को बच्चे गॉड आफ साइंस के नाम से बुलाते थे। इंजीनियरिंग के छात्र आदित्य, अर्शिया ने बताया कि अंजलि मैडम से साइंस पढ़कर ही वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
घर में लगे थे सीसीटीवी कैमरे
अंजलि के घर कई बच्चे ट्यूशन के लिए आते थे। इसके चलते उन्होंने अपने घर में भी सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। हालांकि जहां यह घटना हुई, उसमें सीसीटीवी कैमरा नहीं था। हालांकि आसपास चर्चा थी कि यदि पति ने गेट खड़कने की आवाज सुनी तो ऐसा कैसे हो सकता है कि गोली चलने की आवास उसे न सुनाई दी हो।