देर रात मयंक अपनी मां महेंद्री देवी के साथ टोल टैक्स के पास एक कार शोरूम के बाहर खड़े थे। वहां मयंक गाड़ी के भीतर बैठा था व उसकी मां कार के बाहर खड़ी थी। उसी दौरान वहां आरोपी सतबीर आया। जिसने मकान खाली करवाने की बात की रंजिश के चलते उसने वहां आते ही मयंक पर जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें बीच-बचाव में आई मां को उसने पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने बुआ महेंद्री देवी की छाती में घुसा मार दिया। जिससे वो जमीन पर बेहोश होकर नीचे गिर गई। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। अपनी मां को वहां से गाड़ी में उठा कर देवी मंदिर रोड स्थित निजी अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहले भी कर चुका है जानलेवा हमले
मृतका के बेटे ने बताया कि उसके पिता वकील थे, जिनकी 2013 में मृत्यु हो गई थी। साथ ही बताया कि आरोपी सतबीर के पिता की भी बचपन में ही मौत हो गई थी। उसकी मां करनाल में रहती है। इसके बाद मयंक के परिजनों ने ही उसका पालन पोषण किया व उसे पढ़ा लिखा कर पुलिस की नौकरी दिलवाई। इसकी शादी करवाने के बाद उसे टीडीआई में उनका घर कुछ समय के लिए दे दिया था।
लेकिन आरोपी ने उस पर कब्जा कर लिया व उसे खाली करने का नाम नहीं ले रहा था। जिसके बारे में जब भी उसे खाली करने की बात कहते तो, वो हमेशा ही उन पर जानलेवा हमला कर देता था। जिसकी शिकायत पीड़ितों ने सेक्टर 6 चौकी पुलिस को भी दी हुई है। लेकिन पुलिस ने पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं कि, जिसके चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया साथ ही मयंक को भी जान से मारने की धमकी दी।