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हिट एंड रन केस: बेटे को बचाने के लिए पुलिस वाले ने रची ऐसी साजिश

Wed, 21 Nov 2018 03:50 PM IST
दीपक मेहता, अमर उजाला, शिमला
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शिमला के संजौली हिट एंड रन केस में साजिश रचने और मुख्य अभियुक्त को बचाने के मामले में पुलिस ने अपने ही महकमे के एक कर्मचारी के बेटे सहित चार युवकों को अभियुक्त बनाया है। इसके अलावा दो हेडकांस्टेबलों को लाइन हाजिर किया है।

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संजौली में कार की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत और एक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसमें पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि पुलिस मुख्य अभियुक्त को बचाने की कोशिश कर रही है। 

एसपी दफ्तर में शिकायत पहुंचने के बाद की गई छानबीन में पुलिस ने नए सिरे से मुकदमा दर्जकर चारों युवकों को अभियुक्त बनाया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की गई शिकायत में आरोप लगाया था कि इसमें मुख्य अभियुक्त को बचाने का प्रयास किया है।
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कहा था कि कार से टक्कर मारने वाला पुलिस कर्मचारी का बेटा है और उससे बचाने की कोशिश हो रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले जांच अधिकारी को लाइन हाजिर किया और उसके बाद नए सिरे से मामले की जांच की।

देखें वीडियो

संजौली में क्या हुआ था 29 अक्तूबर की रात

पुलिस के मुताबिक 29 अक्तूबर को रात करीब नौ बजे संजीव चौहान (42) निवासी गांव चिला देवठी देहा चौपाल, संजौली चौक के पास एक दुकान से सामना लेकर बाहर निकले और घर की तरफ चल पड़े। इसी बीच 9 बजकर 6 मिनट पर चौक की तरफ से एक तेज रफ्तार सफेद रंग की कार आई और उन्हें टक्कर मारकर फरार हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह सड़क पर ऊपर उछलकर गिरकर बेहोश हो गए।

कार सवार मौके से फरार हो गया और वहां से आगे (पार्किंग के पास) नवबहार रोड पर पवन कुमार (25) निवासी कंडा, पोस्ट आफिस सरांह चौपाल को जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद आरोपी फिर भाग गए। दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां पवन की पीजीआई में मौत हो गई। संजीव का अभी भी आईजीएमसी से उपचार चल रहा है वह पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है।

पुलिस वाले का बेटा चला रहा था कार!

घटना का पूरा राज सीसीटीवी फुटेज से खुला। इसमें साफ हो गया कि सफेद रंग की कार ने संजीव चौहान को हिट किया है। यह कार किसी पुलिस वाले की है। घटना वाले दिन कार को पुलिस कर्मचारी का बेटा चला रहा था।

इसे बचाने के लिए घटना वाले दिन पुलिस ने आरोपी को पकड़ने में गंभीरता नहीं दिखाई। आरोप यह भी लगे हैं कि बेटे को बचाने के लिए पुलिस कर्मचारी ने उसकी जगह अपने भांजे को पेश कर दिया। इसकी भनक लगने पर परिजनों ने एसपी कार्यालय में लिखित में शिकायत दी।

जांच में सही पाए गए आरोप 
परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच की गई। इसमें मुख्य अभियुक्त पुलिस वाले के बेटे को बनाया है। इसके खिलाफ और कार में सवार अन्य व्यक्तियों को साजिश रचने के आरोप में अभियुक्त बनाकर आईपीसी की धारा 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

इसी तरह पुलिस को गुमराह करने के मामले में पुलिस वाले के भांजे के खिलाफ आईपीसी की धारा 199 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप सिद्ध होेने पर दो साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
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क्या कहते हैं परिजन

संजीव के परिजन दिलीप चौहान ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। संजीव चौहान भट्टाकुफर में एक आढ़ती के पास काम करते थे। घटना में बुरी तरह से घायल हुए हैं। अभी भी इलाज चल रहा है। इसमें एक घायल पवन कुमार की पीजीआई में मौत हो गई।

इनके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। वह काफी गरीब परिवार से था, उसकी दो बहनों की शादी हो गई है और अब घर में उसकी अकेली बूढ़ी मां है। इन्हें मुआवजा दिया जाए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

क्या कहता है पुलिस प्रशासन 
डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की गई। इस मामले में साजिश रचने पर चार लोगों को अभियुक्त बनाया है। हादसे के वक्त जो युवक कार चला रहा था वही इस मामले में मुख्य अभियुक्त है।

पुलिस वाले का जो भांजा पुलिस को गुमराह कर रहा था उसके  खिलाफ भी मुकदमा दिया गया है। दो हेडकांस्टेबलों को लाइन हाजिर किया है। मामले की चार्जशीट तैयार कर जल्द अदालत में दाखिल की जाएगी।
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