कृष्णा कालोनी निवासी महिला ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी के बेटों ने उसे और उसके पुत्र को अगवा कर लिया। उसने बेटे से अपने पिता के पैर चटवाए। मामले में स्थानीय पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। महिला ने कहा कि अगर हमें इंसाफ न मिला तो वह परिवार समेत डीजीपी कार्यालय के आगे भूख हड़ताल पर बैठेगी।
रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों को महिला कर्मजीत कौर ने बताया कि बीस फरवरी को हाजी रत्न चौक के समीप जाम लगा हुआ था। इस दौरान वह अपने बेटे करनवीर के साथ बाइक पर जा रही थी। इसी दौरान उसकी बाइक वहां पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल दलजीत कुमार से टकरा गई। इस पर ट्रैफिक कर्मी ने उसके बेटे के साथ मारपीट की और उसके साथ भी गाली गलौच किया।
झगडे़ के बाद गलती मानते हुए मामले को निपटा लिया गया था। शाम को वह अपने बेटे के साथ बाइक पर सवार होकर जा रही थी। दीपनगर स्थित मंदिर के समीप ट्रैफिक पुलिस कर्मी के बेटे मंदीप एवं संदीप ने अपने साथियों संग उन्हें घेर लिया और मारपीट करने के बाद उसे और उसके बेटे करनवीर को अपनी गाड़ी में डाल लिया।
आरोपी अपने साथियों संग उन्हें एवं उनके बेटे को अगवा कर सिविल अस्पताल में अपने पिता दलजीत कुमार के पास ले आए। वहां आरोपियों ने उनके बेटे से अपने पिता के पैर चटवाए और जान से मारने की धमकियां देते हुए अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गए। महिला ने आरोप लगाया कि घटना के बाद वह सिविल अस्पताल पुलिस चौकी भी गई।
वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह चौकी वर्धमान गई, जहां पर तैनात एएसआई गणेशवर कुमार ने डरा धमका कर उनकी बेटी से अपनी मर्जी के बयान पर हस्ताक्षर करवा लिए। करमजीत कौर ने बताया कि अब पुलिस ने उन पर दबाब बनाने के लिए उसके बेटे करनवीर सिंह पर केस दर्ज कर दिया। इस संबंध में पुलिस चौकी वर्धमान के एएसआई गणेश्वर कुमार का कहना था कि पुलिस के पास युवक की बहन ने लिखकर दिया था कि मामले में कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहती है।