देश का पहला मामला
पीजीआई के किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. आशीष शर्मा का कहना है कि यह देश में अब तक का पहला मामला है। देशभर में अब तक 150 मरीजों में पैनक्रियाज प्रत्यारोपित किया जा चुका है। इसमें से अकेले पीजीआई में 38 प्रत्यारोपण किए गए हैं लेकिन यह ऐसा पहला मामला है जब किसी महिला में किडनी व पैनक्रियाज प्रत्यारोपण के बाद सुरक्षित प्रसव हुआ है। प्रत्यारोपण के बाद सरोज के शुगर व किडनी संबंधित समस्या ठीक हो गई है और वह एक सामान्य जिंदगी जी रही है।
महिला के बच्ची के जन्म के बाद यह बात साबित हो गई है कि अंगदान से न केवल किसी व्यक्ति की जान बचती है बल्कि प्रकृति में जीवन चक्र भी आगे बढ़ता जाता है। अंगदान से मिले अंगों की बदौलत सरोज का जीवन बचाया गया। अब सरोज ने एक नन्ही सी जिंदगी को दुनिया में लाने का कार्य पूरा किया है। -प्रो. विपिन कौशल, चिकित्सा अधीक्षक व रोटो के नोडल पीजीआई।