थाना लाडोवाल के एसएचओ इंस्पेक्टर मनमोहन सिंह ने बताया कि नीतू अपने मोहल्ला वालों के साथ मूर्ति विसर्जन में आई थी। देर शाम साढ़े सात बजे वह नदी पर पहुंचे। आधा घंटा पूजा करने के बाद मूर्ति विसर्जित करने लगे। इसी दौरान नीतू भी लोगों के साथ पानी में चली गई और वह तेज बहाव के आगे टिक नहीं सकी और डूब गई।
करीब एक से डेढ़ घंटे बाद सब लोग जाने लगे तो नीतू के न आने पर सब उसे ढूंढने लगे। काफी समय तलाशने के बाद जब वह नहीं मिली तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पहले तो परिजन हत्या का आरोप लगाने लगे और उसके बाद झुग्गियों में रहने वाले लोगों पर आरोप लगाया कि उन्होंने नीतू को बंधक बना रखा है।
पीड़ित परिवार के आरोप के बाद पुलिस ने एक एक झुग्गी देर रात को चेक की लेकिन कुछ नहीं मिला। सारी रात नीतू की तलाश करने के बाद सुबह करीब आठ बजे उसका शव चार किलोमीटर दूर मिला। इंस्पेक्टर मनमोहन ने बताया कि पुलिस ने नीतू के भाई सुनील के बयान पर कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया है।