खांसी, फ्लू, गले में दर्द की शिकायत पर जांच की गई और नमूने लैब भेजे गए। जिसमें महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। जिसके बाद उसका इलाज शुरू कर दिया गया। लेकिन महिला रिकवर नहीं कर पाई। रविवार देर शाम को महिला की मौत हो गई। सोमवार को परिजन उसे लेकर यमुनानगर पहुंचे। चिकित्सीय परामर्श के अनुसार महिला का जल्द ही संस्कार कर दिया गया। चूंकि महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई थी तो परिजन सहित संबंधी व पड़ोसी मास्क पहनकर संस्कार में पहुंचे।
परिवार को दी टेमी फ्लू, संक्रमण से सुरक्षित
स्वास्थ्य विभाग को चंडीगढ़ से कॉल पर इसकी सूचना दी गई। सीएमओ को बताया कि यमुनानगर निवासी महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। वहीं महिला की पूरी डिटेल भी विभाग को मुहैया करवा दी गई। जिसके बाद सिविल अस्पताल की टीम ने महिला के परिवारिक सदस्यों की जांच की। उनमें संक्रमण नहीं पाया गया। चिकित्सकों ने परिवार के छह सदस्यों टेमी फ्लू की डॉज दी। ताकि उन्हें इससे बचाया जाए। हालांकि परिवार के सभी लोग इससे सुरक्षित हैं।
कोरोना व स्वाइन फ्लू का भय, मास्क पहनकर पहुंचे श्मशान
जिले में कोरोना अलर्ट है। हाल ही में विदेश से लौटे एक व्यक्ति में इसके लक्ष्ण पाए गए हैं। ऐसे में कोरोना को लेकर लोगों में भय है। वहीं स्वाइन फ्लू भी एक संक्रामक रोग है। महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है। ऐसे में महिला के परिजन, संबंधी, पड़ोसी सहित परिचित मास्क पहनकर संस्कार में पहुंचे। ताकि स्वयं को इससे सुरक्षित रखा जा सके।
महिला का मोहाली में इलाज चल रहा था। इस दौरान जांच में महिला को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। विभाग ने परिवार के लोगों को जांच की है। उनमें इसके लक्ष्ण नहीं पाए गए हैं। परिवार के सभी सदस्य संक्रमण से सुरक्षित है। चिकित्सकों ने परिवार के छह लोगों को टेमी फ्लू दी है। विभाग की ओर से पूरे प्रबंध किए गए हैं। डॉ. विजय दहिया, सिविल सर्जन, यमयुनानगर।
कुरुक्षेत्र में भी स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज की मौत
कुरुक्षेत्र के पिहोवा में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध 50 वर्षीय मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक पिहोवा का रहने वाला था जो पिछले 10 दिनों से पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में दाखिल था। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के किसी संदिग्ध मरीज की मौत होने से साफ इनकार कर दिया। जिला नोडल अधिकारी (डीएमओ)मलेरिया अधिकारी डॉ. सुदेश सहोता ने बताया कि अभी तक किसी मरीज को स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है और न ही स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज की मौत हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि दारा सिंह बीमार था लेकिन पांच दिन बाद रिपोर्ट एच वन-एन वन रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।
जानकारी के अनुसार दस दिन पहले ही जिला मलेरिया विभाग को पिहोवा निवासी इस व्यक्ति के संबंध में स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी पीड़ित व्यक्ति के घर भी गए थे। पीड़ित को पटियाला के राजेंद्रा अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां मरीज की जांच करने पर एच वन-एन वन पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद पीड़ित इसी अस्पताल में उपचाराधीन था।
मृतक के पुत्र विजय कुमार ने बताया कि उसके पिता शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। गुर्दे और किडनी भी खराब हो चुकी थी। ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उसके पिता को राजेंद्रा अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसके पिता ने दम तोड़ दिया। रविवार को दारा राम के शव को पिहोवा लाया गया। गाड़ी में रखे शव को देख लोग सकते में आ गए, क्योंकि शव पर दवाइयों का छिड़काव कर और कई तरह के पैकिंग कर शव परिजनों को सौंपा गया था।
सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू का आया संदिग्ध केस
पंचकूला में सोमवार को स्वाइन फ्लू का एक संदिग्ध मामला सामने आया। सेक्टर- 20 की रहने वाली एक 80 वर्षीय महिला सिविल अस्पताल सेक्टर- 6 में मेडिकल जांच के लिए पहुंची थी। डॉक्टरों ने उसकी जांच करने के बाद उसे स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने का संदेह था। सिविल अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव नरवाल ने बताया कि यह स्वाइन फ्लू का एक संदिग्ध मामला है। यहां से लिए नमूनों को पुष्टि के लिए पीजीआई भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक सेक्टर -20 की रहने वाली बुजुर्ग महिला बुखार के बाद अस्पताल पहुंची। इस दौरान महिला को सांस लेने की तकलीफ की बात सामने आई। इस पर महिला को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। भर्ती किए जाने के बाद महिला का इलाज किया गया। नोडल ऑफिसर डॉ. राजीव नरवाल ने बताया महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में पीजीआई सैंपल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।