फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नियमों को कुचलकर दौड़ रहे ई-रिक्शा, हादसे का जिम्मेदार कौन?

Tue, 19 Apr 2016 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
चंडीगढ़ में दौड़ती ई रिक्शा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
न परमिशन, न लाइसेंस, न वर्दी और न ही अन्य मानक पूरे, फिर भी शहर की सड़कों पर पांच सौ के करीब ई रिक्शा सरपट दौड़ाए जा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट अभी तक इन ई-रिक्शा के लिए कोई पॉलिसी नहीं बना पाया है। बावजूद इसके शहर के पर्यटन स्थलों से लेकर बस स्टैंड तक के सामने से ये ई-रिक्शा चल रहे हैं। मनीमाजरा, रोज गार्डन समेत मध्य मार्ग पर ये बेरोकटोक चल रहे हैं। प्रशासन के अधिकारियों की सुस्ती किसी समय भी भारी पड़ सकती है। अगर ई-रिक्शा से कोई हादसा होता है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है, यह सवाल बना हुआ है।
विज्ञापन


जारी होने थे परमिट
प्रशासन ने शहर में डीजल ऑटो पर रोक लगाने के लिए ई रिक्शा की पॉलिसी बनाई थी। इसके तहत स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की ओर से ई-रिक्शा के लिए परमिट जारी किए जाने थे। वहीं ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट अभी तक ई रिक्शा के लिए पॉलिसी नहीं बना पाया है। मिनिस्ट्री ऑफ  रोड ट्रांसपोर्ट ने 8 अक्टूबर 2014 को ई-रिक्शा स्कीम को मंजूरी दी थी।

लोगों के लिए इसलिए खतरनाक
ई रिक्शा पर पॉलिसी न बनने का नुकसान लोगों को हो सकता है। अगर किसी की ई रिक्शा से दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उस पर आश्रित परिजनों को कभी एक्सीडेंट क्लेम नहीं मिलेगा। वहीं अगर ई-रिक्शा ड्राइवर किसी वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाए तो उसे पकड़ा नहीं जा सकता, क्योंकि उसका स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी और पुलिस में वेरीफिकेशन नहीं होगा। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर अमित तलवार ने कहा है कि जल्द ही इसके लिए पॉलिसी बनाई जाएगी, जिससे कि  लोगों को इस तरह की परेशानियों से बचाया जा सके। 
विज्ञापन


इन नियमों की हो रही अनदेखी 
ई-रिक्शा के लिए चालक के पास लाइसेंस होना जरूरी है, लेकिन यहां बिना लाइसेंस लोग इसे चला रहे हैं। चालक बिना यूनिफार्म ड्राइविंग कर रहे हैं। ई रिक्शा में फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। ई रिक्शा में कहीं पर भी परमिट होल्डर का नाम, पता और टेलीफोन नंबर नहीं लिखा होता है। हर ई रिक्शा में पीले रंग की रिफलेक्टिव स्ट्रिप होना भी जरूरी है। शहर में चलने वाले ई-रिक्शा में केवल 4 सवारियां ही बिठाई जा सकती हैं, लेकिन इसमें छह सवारी तक बिठाई जा रहीं हैं।

अमित तलवार, डायरेक्टर , चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट  ने बताया कि ई रिक्शा के लिए ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट्स की सलाह लेकर जल्द ही पॉलिसी बनाई जाएगी। ई रिक्शा से वैध रूप से चलाया जाएगा। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें