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कमेटी की अनुमति के बिना ठेकेदार नहीं बढ़ा सकेंगे पार्किंग के रेट

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चंडीगढ़। निगम के अतिरिक्त आयुक्त एसके जैन की कमेटी की अनुमति के बिना ठेकेदार पार्किंग शुल्क में इजाफा नहीं कर सकेंगे। शुक्रवार को पार्किंग के दोनों ठेकेदारों को अतिरिक्त आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि बिना कमेटी की रिपोर्ट के शुल्क नहीं बढ़ेंगे। अनुबंध के अनुसार ठेकेदारों को एक साल बाद पार्किंग शुल्क में 20 प्रतिशत का इजाफा करना था। पाश्चात्य प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बिना निगम को सूचना दिए पार्किंग शुल्क बढ़ा दिए, जिसका शहर में विरोध शुरू हो गया।
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नगर निगम ने शहर में 89 पेड पार्किंग के लिए दो जोन में ठेका दिया था। जोन 1 की 57 पार्किंग केलिए श्याम सुंदर कंपनी और जोन 2 की 32 पार्किंग के लिए पाश्चात्य कंपनी को ठेका दिया गया था। 25 जनवरी 2021 को अनुबंध के एक साल पूरे हो गए थे। अनुबंध के अनुसार ठेकेदारों को पार्किंग फीस में एक साल बाद 20 प्रतिशत का इजाफा करना था, लेकिन इसके लिए अधिकारियों को पहले जानकारी देनी थी। पाश्चात्य कंपनी ने अधिकारियों को बिना जानकारी दिए ही दोपहिया वाहन पर एक व चारपहिया वाहन पर 2 रुपये बढ़ा दिए। अचानक बढ़े रुपये से शहर में हंगामा शुरू हो गया। मामला संज्ञान में आते ही अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से पुराने रेट जारी करने का निर्देश दे दिया।
लाइसेंस फीस के लिए लगाए चक्कर, शुल्क बिना बताए बढ़ा दिया
कोरोना महामारी में हुए नुकसान की भरपाई केलिए दोनों ठेकेदारों ने लाइसेंस फीस में रियायत देने के लिए निगम को खूब पत्र लिखे और चक्कर भी लगाए, लेकिन पार्किंग शुल्क बढ़ाने के दौरान कंपनी ने बताया तक नहीं। निगम ने दोनों ठेकेदारों को लाइसेंस फीस में रियायत भी दी, लेकिन पार्किंग शुल्क बढ़ाने से पहले एक बार भी ठेकेदार ने अधिकारियों को बताना ठीक नहीं समझा।
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कब होगी स्मार्ट पार्किंग किसी को पता नहीं
दोनों ठेकेदारों को 90 दिन में पार्किंग को स्मार्ट करना था। कोरोना महामारी केकारण निगम ने नवंबर तक का समय दोनों कंपनियों को दे दिया। उसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो दिसंबर का समय दिया। चूंकि पार्किंग में चाइनीज सामान का उपयोग नहीं करना है। इसी बात का फायदा उठाकर ठेकेदारों ने सामान न मिलने की बात कही। अब अधिकारियों को भी नहीं पता है कि पार्किंग स्मार्ट कब तक होगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
हमने दोनों ठेकेदारों को स्पष्ट कहा है कि शुल्क बढ़ाने से पहले निगम को बताएंगे। उसके बाद कमेटी पार्किंगों का निरीक्षण करेगी। उसके बाद कमेटी के रिपोर्ट पर ही शुल्क बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। -एसकेे जैन, अतिरिक्त आयुक्त व पार्किंग विभाग प्रभारी
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