हरियाणा सरकार ने राज्य के म्यूनिसिपल क्षेत्र में मौजूदा नए मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल के नियमितीकरण के लिए नई नीति तैयार की है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस बारे में एक सर्वे किया गया है, जिसमें 39 नगरपालिकाओं के 328 मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल की रिपोर्ट आई है।
इन सर्वे की सूचना के आधार पर इस नीति में विभिन्न पैरामीटर तय किए हैं। इसमें प्लॉट का साइज 2000 वर्गमीटर से कम नहीं होना चाहिए। भवन निर्माण के लिए हरियाणा म्यूनिसिपल बिल्डिंग बॉयलाज-1982 के तहत मालिक को अग्नि सुरक्षा के बारे में संबंधित अग्निशमन अथारिटी को प्रमाण पत्र देना होगा।
उन्होंने बताया कि सड़क की चौड़ाई 12 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत रेगुलाइजेशन के बाद नियमितीकरण के लिए प्रार्थी अपना आवेदन 60 दिन के भीतर दे सकता है।
यदि इस समयावधि के दौरान आवेदकों का प्रार्थना पत्र नहीं प्राप्त होता या फिर आवेदन को निरस्त किया जाता है तो कानून के अनुसार जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
उन मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल पर विचार नहीं किया जाएगा जिनका निर्माण वर्जित और प्रतिबंधित क्षेत्र में किया गया है।
मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल के नियमितीकरण के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा जो नियम व शर्तों के अनुसार इन्हें नियमितीकरण के लिए सिफारिश करेगी।
उन्होंने बताया कि कंपाउंडिंग फीस या ऐसी राशि संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा निर्धारित की जाएगी जिसमें जिला टाउन प्लानर, म्यूनिसिपल के कार्यकारी अधिकारी और कमेटी के सदस्य शामिल होंगे।