सर्दी से बचने के लिए इंसान न जाने क्या कुछ करता है, लेकिन हैरानी होगी जानकारी कि इस मौसम में जानवरों का रहन-सहन और डाइट भी बदल जाती है। जैसे मौसम बदलते ही छतबीड़ जू प्रबंधन ने जानवरों की डाइट में बदलाव किए हैं। प्रबंधकों द्वारा जानवरों के बाड़ों में हीटर लगाए गए हैं। जिनसे निकलने वाली गर्म हवाएं जानवर को ठंड का अहसास नहीं होने देगी।
वहीं, प्रबंधकों द्वारा जानवरों के बाड़ों के बाहर कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो हरेक गतिविधि पर नजर रखेंगे। शुरुआती ठंड ज्यादा नुकसान करती है, इसलिए डाक्टरों की एक टीम को 24 घंटे जानवरों की देखभाल के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जानकारी के मुताबिक, छतबीड़ में कई प्रजाति के बंदर हैं, उन्हें केला, सेब व तरबूज दिया जाता है।
सर्दियां का मौसम शुरू होने के बाद अब गाजर, बंद गोभी और हरे मटर की व्यवस्था की गई है। दरियाई घोड़ा के डाइट शेड्यूल में बदलाव किए गए हैं। उसकी डाइट में आधा किलो गुड़ सप्ताह में एक बार दिया जाएगा। बंगाल टाइगर के बाद सैलानी सबसे ज्यादा एशियाई भालू को देखना पसंद करते हैं, इसलिए प्रबंधकों द्वारा भालू को रोजाना सौ ग्राम शहद का सेवन करवा जा रहा है।
रविवार को छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में सैलानी छतबीड़ पहुंचे। सैलानियों के मनोरंजन करने के लिए सभी जानवर अपने बाड़ों से बाहर निकल आए। जिनको देखकर सैलानी बहुत खुश हुए और बच्चों ने उनकी तस्वीरें अपने साथ लाए मोबाइल और कैमरों में कैद की।