फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ में भी 'मौत' बनी जीवनदायिनी हवा, बाहर निकले तो जरूर बरतें ये सावधानियां

Mon, 04 Nov 2019 10:01 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
चंडीगढ़ में भी छाई धुंध। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

पंजाब में रविवार को सर्वाधिक पराली जलाए जाने से चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) एक बार फिर से बढ़ गया है। रविवार रात नौ बजे सेक्टर-25 का एक्यूआई 266 दर्ज किया गया जबकि पीएम 2.5 और पीएम-10 की मात्रा में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। शाम चार बजे सेक्टर-25 में पीएम 2.5 की मात्रा 315 दर्ज हुई थी, जो रात में बढ़कर 400 पहुंच गई। यही हाल पीएम-10 की मात्रा की भी रही। रात नौ बजे पीएम-10 की मात्रा 400 के पार पहुंच गई।

विज्ञापन


विशेषज्ञों ने बताया है कि रविवार को पंजाब के इलाके में जलाई गई पराली से चंडीगढ़ की एक्यूआई में बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है। चंडीगढ़ में शाम करीब पांच बजे धुंध जैसा अंधेरा छाया रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि इस समय हवा का रुख भी पंजाब से दिल्ली की ओर है। ऐसे में इसका असर चंडीगढ़ में भी देखने को मिलेगा। चंडीगढ़ के वायु प्रदूषण में पिछले दो दिन से गिरावट जारी थी, लेकिन रविवार को फिर से इसमें बढ़ोतरी हो गई। चार, पांच और छह को इसी तरह से हालात खराब रहेंगे।

सात नवंबर को प्रदूषण से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने बताया है कि छह नवंबर को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे पूरे उत्तर भारत में बारिश की संभावना बन रही है। पंजाब में अच्छी बारिश के आसार हैं, जबकि चंडीगढ़ में भी बारिश होगी। बारिश से प्रदूषण के छंटने के आसार हैं। बताया जा रहा है इस समय हवा की रफ्तार काफी धीमी चल रही है। इससे वायुमंडल से प्रदूषण के कण नहीं हट पा रहे। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से हवा की रफ्तार भी बढ़ेगी और बारिश भी होगी।

पीएम 2.5 ज्यादा खतरनाक
पीएम 2.5 प्रदूषण में शामिल वो सूक्ष्म कण है, जो व्यक्ति के लंग्स तक जा सकते हैं। शरीर के बाल का साइज पीएम 50 होता है। इससे आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पीएम 2.5 कितने बारीक कण होंगे। तय मानक के मुताबिक, 24 घंटे में हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए।
 
इससे ज्यादा होने पर स्थिति खतरनाक मानी जाती है। इन दिनों दोनों कणों की मात्रा हवा में कई गुना ज़्यादा है। रविवार को पीएम 2.5 की मात्रा 400 के करीब दर्ज की गई। हवा में मौजूद यही कण हवा के साथ हमारे शरीर में प्रवेश कर खून में घुल जाते हैं। इससे शरीर में कई तरह की बीमारी जैसे अस्थमा और सांस की दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन

टूटी सड़कें भी बढ़ा रही हैं प्रदूषण

चंडीगढ़ की कई सड़कों में अब भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इन गड्ढों में मिट्टी पड़ी है। जब भी इन गड्ढों से गाड़ियां निकलती हैं तो धूल के कण उड़ते हैं। दूसरी तरफ गड्ढों की वजह से गाड़ियों में ब्रेक लगाना पड़ता है। ब्रेक के घिसने से भी कण निकलते हैं, जो हवा में घुलकर वायु प्रदूषण को बढ़ाते हैं।

बरतनी होगी एहतियात
  • जो लोग सांस व एलर्जी के रोगी हैं, वे अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श लें। इस दौरान दवा की डोज बढ़ाने की आवश्यकता होती है।
  •  खुले में भारी एक्सरसाइज न करें। इससे सांस के माध्यम से शरीर में प्रदूषण के कण ज्यादा जाएंगे।
  • कोशिश करें कि गाड़ियों का इस्तेमाल कम से कम करें। इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
  • जब भी बाहर निकलें तो आंख और चेहरे को साफ पानी से धोएं। दिन में कम से कम दो बार गर्म पानी से कुल्ला करें।

रविवार को पराली जलाए जाने से चंडीगढ़ का एक्यूआई बढ़ा है। अनुमान है कि छह व सात को मौसम में आए परिवर्तन से छुटकारा मिल जाए।
-डा. रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर एनवायरमेंट हेल्थ कम्युनिटी मेडिसिन व स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई

इस मौसम में ओपीडी में करीब 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। जाहिर है कि हवा खराब है तो ओपीडी में बढ़ोतरी होगी। हम लोग भी वायु की गुणवत्ता पर नजर रख रहे हैं। -डा. जी दीवान, डायरेक्टर चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें