पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से ऑनलाइन कोर्स व परीक्षाएं खत्म करने की अवधि का विरोध हो गया है। छात्रों ने सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर पीयू प्रशासन 15 दिन में एग्जाम खत्म करवाने का प्लान लागू करेगा तो हजारों विद्यार्थियों का भविष्य चौपट हो जाएगा। यही नहीं ऑनलाइन पढ़ाई के लिए तय की गई तारीख का भी विरोध दर्ज कराया है।
विद्यार्थियों ने कहा है कि इसके लिए अलग से पीयू को कक्षाएं लगानी होंगी ताकि हर विद्यार्थी की पढ़ाई हो सके। ऑनलाइन कक्षाएं हर विद्यार्थी की पहुंच तक नहीं हैं। यह सब बातें विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन को मेल के जरिये भेजी हैं। पीयू ने इसके लिए आपत्तियां मांगी थीं।
कोरोना के कारण हुआ लॉकडाउन लगातार विद्यार्थियों को नुकसान की ओर ले जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी भी विद्यार्थियों के भविष्य की ओर नहीं देख रहे हैं। वह केवल जैसे-तैसे कोर्स पूरा करवाकर परीक्षाएं खत्म करना चाहते हैं। पीयू प्रशासन की ओर से रविवार को यह बात तय की गई कि परीक्षाएं 15 दिन में खत्म हो जाएंगी और नौ मई तक ऑनलाइन कोर्स शिक्षक पूरा कर लेंगे। इस पर पीयू प्रशासन की ओर से आपत्तियां मांगी गई थीं।
विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन के इस प्लान को नकार दिया है। साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लेने को कहा है। यह भी कह दिया कि परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को कम से कम एक माह का समय दिया जाए। साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ 20 फीसदी विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। उनके लिए लॉकडाउन खुलने पर कक्षाएं लगाई जाएं। इसके लिए भी 15 दिन विद्यार्थियों को दिए जाने चाहिए।
क्या कहते हैं छात्र नेता
पीयू के एग्जाम व कोर्स पूरा करने के प्लान का तमाम विद्यार्थियों ने विरोध किया है। 15 दिन में एग्जाम कराने से उनका भविष्य चौपट हो जाएगा। साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ 20 फीसदी विद्यार्थी नेट की सुविधा न होने के कारण नहीं ले पा रहे हैं। पीयू इसमें सुधार करे।
- चेतन चौधरी, अध्यक्ष पीयूसीएससी
गांवों में सुविधाएं नहीं, अलग से लगानी होंगी कक्षाएं
9 मई तक ऑनलाइन पढ़ाकर कोर्स पूरा कराने की जल्दबाजी नहीं की जाए। तमाम विद्यार्थी इस पढ़ाई से वंचित हैं। उनके यहां गांवों में सुविधाएं नहीं हैं। इसमें पीयू प्रशासन सुधार करे और इसके लिए अलग से कक्षाएं लगानी होंगी। परीक्षा खत्म की अवधि भी बढ़ाई जाए।
- मनप्रीत सिंह माहल, ज्वाइंट सेक्रेटरी, पीयूसीएससी
एक महीने की जाए एग्जाम की अवधि
15 दिन में एग्जाम खत्म करवाकर पीयू प्रशासन अपने जिम्मेदारी खत्म करना चाहता है जो छात्रों के हित में नहीं है। इस एग्जाम की अवधि को एक माह किया जाना चाहिए। इसको लेकर पीयू प्रशासन को मेल करके आपत्ति जता दी है। इस पर पीयू प्रशासन ध्यान दे।
- आयुष कुमार, जनरल सेक्रेटरी, एनएसयूआई पीयू