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ऑनलाइन पढ़ाई का कमाल... क्लास में न आने वाले छात्र स्क्रीन पर आए नजर, सभी हैरान और खुश भी

Sun, 12 Apr 2020 04:50 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना महामारी के कारण शिक्षा जगत को भी बड़ा नुकसान हुआ है। मगर पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से एक अच्छी खबर आई है। जो स्टूडेंट्स मैनुअल कक्षाओं में कभी दिखते नहीं थे आज वह ऑनलाइन पढ़ाई जा रही कक्षाओं में स्क्रीन पर नजर आ रहे हैं। शिक्षकों का मानना है कि विद्यार्थियों के मन में अपने भविष्य की चिंता अब जागृत हुई है। 

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साथ ही वह पढ़ाई के प्रति गंभीर हुए हैं। यदि यह विद्यार्थी लगातार कोर्स समाप्ति तक स्क्रीन पर बने रहते हैं तो पीयू के शिक्षकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में लगने वाली मैनुअल कक्षाओं में भी यह विद्यार्थी नजर आएंगे। विद्यार्थियों में इतना बड़ा फर्क देखकर शिक्षक खुश नजर आ रहे हैं।

पीयू की मैनुअल कक्षाओं में उपस्थित होने वाले विद्यार्थियों के सालभर का आंकड़ा निकाला जाए तो औसत 60 से 65 फीसदी का आता है। यानी इतने फीसदी विद्यार्थी कक्षाओं में पढ़ने नियमित जाते हैं। चार से पांच फीसदी स्टूडेंट्स ऐसे होते हैं जिनकी हाजिरी 75 फीसदी न हो पाने के कारण उन्हें नोटिस जारी होते हैं और आखिर में उनसे कारण जानते हुए एग्जाम में बैठने की अनुमति दे दी जाती है। 
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कहा जा सकता है कि मैनुअल कक्षाओं में स्टूडेंट्स इतनी रुचि नहीं दिखाते। अब लॉकडाउन चल रहा है। 25 दिन से पढ़ाई पीयू में नहीं हो पा रही है। आगे एग्जाम भी कराने हैं। ऐसे में कोर्स पूरा करवाने की चिंता है। इसी को ध्यान में रखकर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करवाई गईं। एक सप्ताह पहले पीयू में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की गई थीं। 

एक सप्ताह का रिजल्ट सामने आया है। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति देखकर सभी हैरान हैं और खुश भी। क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थी कक्षाओं में आते नहीं थे जो आज ऑनस्क्रीन पर दिख रहे हैं। साथ ही कुछ स्टूडेंट ऐसे हैं जो मास्क भी लगाकर पढ़ाई करते हैं। शिक्षक कहते हैं कि यह विद्यार्थी एक ही दिन नहीं बल्कि सप्ताहभर से लगातार ऑनलाइन कक्षाओं में हिस्सा ले रहे हैं और उन्हें बेहतर समझ में भी आ रहा है। यानि शिक्षण कार्य प्रभावी हो रहा है।

मैनुअल कक्षाएं लगाने का झंझट हो सकता है खत्म
इस कोरोना ने विपरीत परिस्थितियों में काम करने की जो सीख शिक्षकों व विद्यार्थियों को दी है वह भविष्य भी में भी काम आएगी और लोग ऑनलाइन पढ़ाई की ओर ज्यादा आकर्षित होंगे। ऑनलाइन कोर्सेज की संख्या भी बढ़ेगी और विद्यार्थियों की संख्या भी। जिस तरह पीयू के शिक्षकों की कक्षा में विद्यार्थी ऑनलाइन उपस्थिति 15 दिन तक रखेंगे तो इस बीच शिक्षक कोर्स भी पूरा कर देंगे। 

साथ ही विद्यार्थियों की जिज्ञासा को भी शांत किया जा सकता है। इस प्रक्रिया से मैनुअल कक्षाएं नहीं लगानी पड़ेंगी या फिर कम दिन की कक्षाएं लगेंगी। इससे पीयू जल्द एग्जाम करा सकता है और रिजल्ट भी समय से आएंगे। यदि मैनुअल कक्षाएं देरी तक चलेंगी तो दिक्कतें बढ़ेंगी और अगला शैक्षिक सत्र लेट होगा।
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मोबाइल रिचार्ज की सुविधा दे सकता है पीयू, भरपाई बिजली बिल से होगी

इस समय ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। कुछ विद्यार्थियों को नेट संबंधित दिक्कतें आ रही हैं। कुछ रिचार्ज नहीं करा पा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पीयू इन विद्यार्थियों को नेट की सुविधा दे सकता है। इसके लिए पीयू को रिचार्ज कराना होगा। मोबाइल कंपनियां एक से बढ़कर एक प्लान दे रही हैं। इन विद्यार्थियों की लिस्ट तैयार करके यह सुविधा दी जा सकती है।

इसमें पीयू का अधिक खर्च नहीं आएगा। पीयू प्रशासन इस भुगतान की भरपाई अपने बिजली बिल बचाकर आदि से कर सकता है। जब मैनुअल कक्षाएं पीयू में लगती हें जो बिजली की खपत होती है। हर माह सात से आठ लाख रुपये बिजली का बिल आ जाता है जो इस समय कम आएगा। सभी कार्यालय, विभाग बंद हैं। कई अन्य कार्य भी इस समय पीयू में बंद हैं जो पहले रेगुलर होते थे। वह पैसा भी पीयू के खजाने में बच रहा है। जानकारों का कहना है कि पीयू प्रशासन विद्यार्थियों को नेट की सुविधा देकर अपने में बड़ा काम कर सकता है।
स्टूडेंट्स ऑनलाइन कक्षाओं में काफी रुचि ले रहे हैं और उनकी उपस्थिति भी अच्छी आ रही है। यह खुशी की बात है। साथ ही शिक्षण कार्य भी प्रभावी हो रहा है। इससे जल्द कोर्स पूरा हो जाएगा। - प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई पीयू 
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