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देश में पशु तस्करी का ऐसा मामला आया सामने, जानकर कहेंगे हद हो गई ये तो

Tue, 09 Jan 2018 05:51 PM IST
शनि शर्मा/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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गाय - फोटो : अमर उजाला
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देश में पशु तस्करी को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसे जानकर पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। सरकार को भी बड़ा झटका लग सकता है। मामला हरियाणा का है।
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पशु कल्याण की आड़ में वसूली करके पशुओं की तस्करी कराने के गोरखधंधे का मामला सामने आया है। यह धंधा प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर चल रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब जिला पुलिस ने पशु तस्करों से वसूली करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया।

पुलिस की जांच में पता चला कि वसूली करने वाला व्यक्ति केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से संबद्ध भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का सदस्य है। आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। गिरफ्तार किये गये दो तस्करों ने पुलिस पूछताछ में वसूली करने वाले आरोपी का कच्चा चिट्ठा खोला है।
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भेड़-बकरियों से भरी दो गाड़ियों को जब्त किया था

गोवंश - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि कलानौर थाना पुलिस ने छह जनवरी को जिंदरान मोड़ पर भेड़-बकरियों से भरी दो गाड़ियों को जब्त किया था। इनमें डबल स्टोरी बनाकर 225 भेड़-बकरी लादी गईं थीं।

पुलिस ने दोनों गाड़ियों को जब्त करके चालक राजस्थान के चुरू स्थित गांव भालेरी निवासी लौमान और जावेद निवासी गांव गलघटी थाना भोलेरी चुरू (राजस्थान) को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में जावेद ने पुलिस को बताया कि वह भेड़ों की तस्करी करता है।

फतेहाबाद के भूना कसबा निवासी महेंद्र औड़ उससे तस्करी की गाड़ी के प्रति चक्कर के हिसाब से छह हजार रुपये वसूलता था। इसके बाद जांच अधिकारी एएसआई संजय कुमार ने मामले की पड़ताल की तो प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि महेंद्र केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से संबद्ध भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का सदस्य है। जब पुलिस गिरफ्तारी करने आरोपी के घर पहुंची तो वह फरार मिला।

पैसे नहीं देने पर तस्करों को पकड़वा देता था

गाय - फोटो : अमर उजाला
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महेंद्र पिछले करीब छह माह से पशु कल्याण की आड़ में तस्करों से वसूली कर रहा था। वह छह से दस हजार रुपये लेकर पशुओं से भरी गाड़ियों को पास करवाता था। जब भी किसी तस्कर ने पैसे देने में आनाकानी की तो वह धमकी देता था कि पुलिस को सूचना देकर गाड़ी पकड़वा देगा। इस तरह से आरोपी ने कई तस्करों की गाड़ी पकड़वाई भी है।

चेन सिस्टम से चल रहा तस्करों से वसूली का धंधा  
पुलिस की जांच में पता चला है कि पशु क्रूरता और पशु तस्करी पर लगाम लगाने का दावा करने वाले महेंद्र का तस्करों से वसूली का धंधा चेन सिस्टम के तहत चल रहा है। प्रत्येक जिले में उसका कई संगठनों के सदस्यों से संपर्क है। इनमें से कुछ उसके संगठन से भी जुड़े हैं।

जिस जगह से भी उसे पशु तस्करी की सूचना मिलती है वह संबंधित साथी को बता देता था। इसके बाद उसके साथी मौके पर पहुंचकर गाड़ियों को रोकते थे और तस्करों से वसूली करते थे। जो भी तस्कर पैसे देने से मना करता है उसके बारे में तुरंत पुलिस को सूचना देते हैं।
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अधिकतर जिलों की पुलिस से महेंद्र की मिलीभगत

village cow
पुलिस की जांच में पता चला है कि पशु कल्याण के नाम पर वसूली करने के धंधे में महेंद्र और पशुओं के कल्याण के लिए काम करने वाले अन्य संगठनों के सदस्यों के अलावा कई जिलों की पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। आरोपी पुलिस से मिलीभगत करके ही तस्करों की गाड़ियों को छुड़वाता था।

मामले के बारे में पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है। अब आरोपी की तलाश में भूना में छापेमारी की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि महेंद्र की गिरफ्तारी के बाद गोरखधंधे में कई उच्च अधिकारियों और संगठनों के सदस्यों के नाम सामने आएंगे।

मामला जानकारी में आया है। इस संबंध में एसपी से शिकायत की गई है। महेंद्र खुद को भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का सदस्य बताकर तस्करों से वसूली कर रहा है। घटनाक्रम के बारे में एक रिपोर्ट बोर्ड के सचिव को भी भेजी जाएगी। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि आरोपी बोर्ड का सदस्य है। उसकी जांच पड़ताल की जा रही है।  
- हिमांशु चांदना, पशु कल्याण अधिकारी, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड

महेंद्र खुद को भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का सदस्य बताकर प्रदेश में पशु तस्करी को बढ़ावा दे रहा है। तस्करों से करीब छह माह से वसूली कर रहा है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
- एएसआई संजय कुमार, जांच अधिकारी
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