पूर्व सेना अधिकारी कैप्टन रामचंद्र और पूर्व सूबेदार सोहन लाल
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आम बजट में पूर्व सैनिकों को शामिल नहीं किए जाने से थोड़ी मायूसी है, लेकिन इस बजट से उन्हें कोई विशेष उम्मीद भी नहीं थी। - कैप्टन रामचंद्र
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट में पूर्व सैनिकों के लिए कोई प्रावधान नहीं रखे जाने से निराशा है। सरकार को आम बजट में पूर्व सैनिकों का भी ध्यान रखना चाहिए था। सैनिकों का जीवन देश के लिए न्यौछावर होता है। उसके बावजूद भी बजट नजर अंदाज करना अच्छी बात नहीं है। -कैप्टन श्याम लाल
आम बजट में सरकार ने सभी वर्गों को खुश रखने का प्रयास किया है, लेकिन पूर्व सैनिकों की ओर कतई ध्यान नहीं दिया गया है। देश की सुरक्षा का पूरा भार सैनिकों के कंधों पर होता है। उसके बावजूद भी बजट में शामिल नहीं किया जाना चिंता का विषय है। - सूबेदार सोहन लाल