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...इसलिए तो आत्महत्या कर लेते हैं किसान

Sat, 04 Apr 2015 06:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महम
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बरसात की एक रात किसान परिवार पर कहर बनकर टूटी। हालात आत्महत्या करने जैसे ही थे, अब नजर सरकार पर है। मामला, हरियाणा के महम इलाके का है। यहां बृहस्पतिवार की रात किसानों पर कहर बनकर टूटी।
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ओलों और तूफान ने कितनी तबाही मचाई होगी, इसकी आशंका तो गुड्डी को रात से ही थी। शुक्रवार सुबह गुड्डी का परिवार भरे मन से खेतों को देखने पहुंचा तो वहीं बैठ गया। पैरों में इतनी हिम्मत नहीं कि वापस घर लौट सकें।

किसान राजू नेहरा, गुड्डी व भगवानी अपनी 11 एकड़ तबाह फसल देख आंसू नहीं रोक पाए। पूरी तरह जमींदोज हो चुकी फसल में पानी भरा है। अब परिवार को चिंता है कि कैसे घर पर छत आएगी और कैसे बेटी के हाथ पीले होंगे।
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यह दुखभरी कहानी निंदाना के एक परिवार की है। लेकिन आज उदासी और निराशा की ऐसी कई कहानियां महम के हर घर में हैं। ओलों और बारिश ने सबकुछ तहस नहस कर दिया है।
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कैसे बनेगी छत? कैसे होंगे बेटी के हाथ पीले?

बर्बाद फसल को देख फफक पड़ी गुड्डी ने बताया कि गोहाना-भिवानी स्टेट हाइवे बनने से उनका मकान चार फीट नीचे दब गया। गेहूं की फसल को बेचकर मकान ऊंचा उठाना था। बेटी की शादी भी करनी है, लेकिन अब ना सिर पर छत बनने की आस रही और न ही बेटी के हाथ पीले करने की। बिजाई व खाद बीज पर लाखों रुपये खर्च किया है। किसान राजेंद्र सिंह, संदीप नेहरा, कविराज, संजय शर्मा व भगवानी देवी ने बताया कि अब तो आस भी टूट गई है। न सरकार का सहारा मिला और न भगवान का।

इन गांवों में ज्यादा नुकसान
अजायब, भराण, निंदाना, गिरावड़, खरकड़ा, बहलबा, खेड़ी-महम, मदीना, खरैंटी, निडाना व भैणी चंद्रपाल।

जल्द गिरदावरी कर देंगे मुआवजा: एसडीएम
एसडीएम दलवीर सिंह फौगाट का कहना है कि ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार के निर्देशानुसार जल्द से जल्द गिरदावरी कर मुआवजा देने का काम किया जाएगा।
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