सुबह 5:30 बजे उठती हूं। योग, पूजा व नाश्ता करने के बाद 7 बजे ही प्रचार पर निकल जाती हूं। फिर तो रात 11 बजे ही घर संभालती हूं। रोजाना 16 से 17 घंटे डोर-टू-डोर प्रचार, मीटिंग व नुक्कड़ सभा कर रही हूं। इस बीच शमशेर जी का हाल फोन या वाट्सएप पर ही जान पाती हूं। प्रचार या जनसभा में जो मिल जाए, वही खा लेती हूं।
हैंडबॉल की इंडिया टीम की 10 साल तक कोच रही हूं तो थकान का सवाल ही नहीं। भगवान को बहुत मानती हूं। सुबह और रात को सोने से पहले ध्यान करती हूं। मेरी दो बेटियां भी पूरा साथ दे रहे हैं। वे जीते तो गांव में बाबा के पास ही माथा टेकने जाएंगे।
- राधा अहलावत, पत्नी, शमशेर सिंह खरकड़ा (भाजपा प्रत्याशी, हलका महम)
कचरी की चटनी गेलै दो रोटी खाई अर निकल ली
60 साल की उम्र में 30 सा जोश। सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक प्रचार के बावजूद थकान नहीं। तड़कै कचरी की चटनी और लस्सी के साथ दो रोटी खाकर चाल पडूं सूं। फिर तो पूरा दिन ही लस्सी व दूध में ही बीतता है। रात को दूध व दलिया लेती हूं। इस बार नवरात्र व्रत नहीं रखे है, लेकिन आस्था पूरी। दांगी जीतें, इसके लिए बालाजी से मन्नत मांगी है।
- सोना देवी, पत्नी, आनंद सिंह दांगी (कांग्रेस प्रत्याशी, हलका महम)
खुद के लिए समय निकाल ही लेती हूं
भगवत गीता में लिखा है कि कर्म में विश्वास करो, फल में नहीं। यही मूलमंत्र है। रोजाना 5 से 6 घंटे प्रचार के बाद घर की जिम्मेदारी संभालते हुए भी अपने लिए समय निकाल लेती हूं। इसलिए थकान नहीं होती। सुबह व रात को तो खाना घर पर ही खाते हैं।
नेताजी तो सुबह 8 बजे ही प्रचार पर निकल जाते हैं और रात 9 लौटते हैं। बाबा मस्तनाथ में ज्यादा विश्वास है। जीतने पर सबसे पहले यहीं माथा टेकने जाएंगे। दोनों की दिनचर्या पूरी बदल गई है। ज्यादा से ज्यादा समय जनता के बीच बीता रहे हैं।
- सुमित्रा नांदल, पत्नी, सतीश नांदल (इनेलो प्रत्याशी, हलका गढ़ी-सांपला-किलोई)
वे खुद सेहत को लेकर सजग, इसलिए चिंता नहीं
शर्मा जी तो सुबह 6 बजे ही निकल जाते हैं। पूरा दिन कार्यकर्त्ताओं के बीच बीतता है। इंटरनेशनल प्लेयर रहे हैं। शुरू से ही अपनी सेहत को लेकर सजग रहे हैं। इसलिए मुझे चिंता नहीं रहती है। मां दुर्गा में अपार श्रद्घा है। सभी पहला व आखिरी नवरात्र जरूर रखते हैं।
अमेरिका में जॉब कर रहा बड़ा बेटा नितिन वोट डालने के लिए 13 अक्टूबर को आ रहा है। तीनों बेटों के ससुराल पक्ष से पूरा सहयोग मिल रहा है। छुट्टी के दिन 8 से 9 घंटे तो रुटीन में 4 से 5 घंटे डोर-टू-डोर प्रचार कर रही हूं। खुद के लिए समय नहीं निकाल पा रही हूं।
- उमा शर्मा, पत्नी, राजकुमार शर्मा (इनेलो प्रत्याशी, हलका रोहतक)