मैंने कभी अपने लिए कुलदीप बिश्नोई से कोई टिकट नहीं मांगा। नलवा हलके से मुझे चुनाव लड़वाने का फैसला कुलदीप बिश्नोई का ही था। उन्हीं के कहने पर मैंने नलवा से चुनाव लड़ने के लिए तैयारियां शुरू की थी, फिर अचानक टिकट नहीं दिया गया।
ऐसे में इज्जत किसकी गई, जिसको टिकट नहीं मिला। साथ ही पार्टी में मान-सम्मान किसका कम हुआ, जिसको टिकट नहीं मिला। यह कहना है पूर्व सांसद एवं हजकां के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके रामजी लाल का।
11 सदस्यीय कमेटी पर छोड़ा भविष्य का फैसला
पूर्व सांसद एवं हजकां के प्रदेश उपाध्यक्ष रामजी लाल ने रविवार को अग्रसेन भवन में हजकां द्वारा नलवा हलके से टिकट नहीं दिए जाने को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी।
इस मौके पर टिकट देने से नाराज जिले भर के जांगड़ा समाज के लोग उपस्थित थे। खास बात यह रही है कि पंडित रामजीलाल ने अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला 11 सदस्यीय कमेटी पर छोड़ दिया।
कमेटी का फैसले ही उनकी भविष्य की राजनीति का निर्धारण करेगा। मंच से ही कमेटी के नौ सदस्यों की घोषणा कर दी गई।
11 सदस्यीय कमेटी गठित
पंडित रामजीलाल के राजनीतिक भविष्य को लेकर रविवार को मंच से ही 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जिसके नौ सदस्यों की घोषणा मौके पर ही कर दी गई, जिनमें ज्ञानदेव तायल, अजय जांगड़ा, सूबे सिंह आर्य, बदलू राम, जयसिंह जांगड़ा, पीएल शास्त्री, विद्यासागर जांगड़ा, दलीप सिंह, प्रहलाद सिंह को शामिल किया हैं और अन्य दो सदस्यों की भी जल्द ही शामिल कर लिया जाएगा।