भाजपा की नई सरकार बनने के साथ ही अब नए एडवोकेट जनरल की नियुक्ति भी जल्द होनी है। इस कारण सरकार में नए एडवोकेट जनरल के दावेदारों के नाम की चर्चा शुरू हो गई है। अभी तक एडवोकेट जनरल की दौड़ में चंडीगढ़ के पूर्व सांसद सत्यपाल जैन सबसे आगे है।
हालांकि, करनाल से वकील विजय जिंदल के नाम पर भी गंभीरता से चर्चा की जा रही है। मालूम हो कि सीएम मनोहर लाल खट्टर भी करनाल से ही विधायक है। विजय जिंदल खट्टर के अलावा आरएसएस के भी करीबी हैं।
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील आरके मलिक का नाम भी भाजपा नेताओं ने सुझाया है। आरके मलिक की पत्नी पूर्व मेयर राज बाला मलिक हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई हैं।
एडवोकेट जनरल का पद हरियाणा में बेहद अहम है। यही कारण है कि भाजपा इस नियुक्ति के लिए संघ से भी राय ले रही है। अभी तक हरियाणा में जो भी एडवोकेट जनरल के पद पर तैनात हुआ है, वह प्रदेश के सीएम का करीबी ही रहा है।
एडवोकेट जनरल को कैबिनट रैंक का दर्जा दिया जाता है। सरकार से जुड़े सभी विधि विभाग के मामले उनके पास जाते हैं। एडवोकेट जनरल के पास विधानसभा सत्र में भी जाने का अधिकार प्राप्त है।
मालूम हो कि अभी तक इस पद पर हवा सिंह हुड्डा (जाट) तैनात हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी थे। हुड्डा ने अपनी सरकार के दोनों कार्यकाल में उन्हें नियुक्त किया था।
मालूम हो कि हाल ही में हाईकोर्ट ने हजकां से कांग्रेस में गए पांच विधायकों की सदस्यता खारिज की थी। यह केस सत्यपाल जैन ने ही लड़ा था।