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कल्याणी के पिता के नाम पर पंजीकृत है सफेद रंग की ऑल्टो कार, सीबीआई ने किया है बरामद

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चंडीगढ़। राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज और वकील सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धू की हत्या में सीबीआई ने सफेद रंग की जिस ऑल्टो कार को बरामद किया है, वह कल्याणी के पिता के नाम पर पंजीकृत है। वहीं, इस बात का भी खुलासा हुआ है कि दूसरा आरोपी जेन कार में सवार होकर वारदात स्थल पर पहुंचा था। वारदात के बाद वह चेहरा ढककर भागते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। सीबीआई के अनुसार, उस शख्स की लंबाई 5 फुट 7 इंच है। हालांकि सीबीआई ने अब तक दूसरे आरोपी के नाम का खुलासा नहीं किया है।
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बता दें कि वारदात स्थल सेक्टर-27बी के पार्क के पास रहने वाले विशाल नागपाल ने सिप्पी की हत्या वाली रात चार गोलियां चलने की आवाज सुनी, जिसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी थी। वहीं, मकान नंबर 1015 के राजनबीर ने भी गोलियां चलने की आवाज सुनी और जब वह चहारदीवारी के पास पहुंचे तो एक व्यक्ति वहां से भागता दिखा। उसने राजनबीर को देखा तो डरकर झुक गया और मौके से फरार हो गया। राजनबीर की पत्नी अमृता सिंह ने भी गोलियों की आवाज और एक लड़की की चीख सुनी थी। उन्होंने देखा कि उनके घर के बाहर स्ट्रीट लाइट के नीचे सफेद रंग की एक छोटी गाड़ी थी। उन्होंने एक 26 से 27 वर्ष की लड़की को झाड़ियों से निकल गाड़ी के पास आते देखा। वह ड्राइवर सीट की तरफ आई और गाड़ी लेकर चली गई। सीबीआई के अनुसार 19 सितंबर 2015 को मेहंदी लगाने वाले हरीशंकर गुप्ता से रात 8:15 बजे करीब एक युवती ने मोबाइल लेकर कॉल की थी। कॉल करने के बाद उसने मोबाइल से नंबर डिलीट कर दिया। यह कॉल सिप्पी के मोबाइल नंबर पर की गई थी। सीबीआई ने मेंहदी वाले के बताए हुलिए का स्कैच बनवाया जो कल्याणी से मिलता-जुलता था।
...तब बर्थडे पार्टी में नहीं खींचीं गईं तस्वीरें
कल्याणी के अनुसार, सिप्पी की हत्या के समय वह और उसका परिवार सेक्टर-10 में एक बर्थडे पार्टी में मौजूद था, लेकिन सीबीआई की जांच में पता चला कि सिप्पी की हत्या के समय से कुछ देर पहले और बाद की तस्वीरें ही बर्थडे पार्टी में खींची गईं थीं। कल्याणी के परिवार के मुताबिक, वह लोग रात 8:15 बजे बर्ड डे पार्टी में पहुंच गए थे और रात 11 बजे तक वहीं थे। इस दौरान शाम 7 बजकर 51 मिनट से 8 बजकर 20 मिनट तक फोटोग्राफी हुई। इसके बाद 10 बजकर 20 मिनट से 10 बजकर 26 मिनट तक फोटो खींचे गए जबकि सिप्पी की हत्या करीब रात साढ़े 9 बजे हुई। घटनास्थल से 150 मीटर दूर सिप्पी की गाड़ी खड़ी थी। परिवार और रिश्तेदारों ने भी कल्याणी की मौजूदगी की बात कही थी लेकिन सीबीआई जांच के अनुसार, कल्याणी पार्टी में खींची गई तस्वीरों में नहीं दिखाई दी है। वहीं सीबीआई की रिपोर्ट में कल्याणी के पॉलीग्राफ टेस्ट में पार्टी वाले सवाल पर छल नजर आने की बात कही गई है। घटना के समय कल्याणी के मोबाइल की लोकेशन का भी कुछ पता नहीं चल पाया है।
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सिप्पी के पिता की मौत के बाद दोनों परिवारों के रिश्ते और मजबूत हुए
सिप्पी सिद्धू के दादा सुखदेव सिंह सिद्धू पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से रिटायर्ड थे। सिप्पी के पिता इंद्रपाल सिंह और कल्याणी के पिता परमिंदर सिंह एक साथ 1991 में पंजाब सरकार में असिस्टेंट एडवोकेट जनरल थे। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच अच्छे रिश्ते बन गए। 2009 में सिप्पी और कल्याणी ने शादी करने का फैसला लिया। सिप्पी के भाई जिप्पी ने बताया कि 31 दिसंबर 2008 को उनके पिता इंद्रपाल की मौत हो गई थी। तब भी कल्याणी के पिता सिप्पी के परिवार के दुख में सबसे आगे थे। इसके बाद से परिवार के बीच रिश्ते और गहरे हो गए थे।
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मां को बोलकर निकला कल्याणी बुला रही है, फिर जिंदा नहीं लौटा
सीबीआई रिपोर्ट के अनुसार, 20 सितंबर 2015 को सिप्पी सिद्धू अपनी मां के साथ मोहाली के सच्चा धन गुरुद्वारे में दोपहर करीब एक बजे भोग समारोह में शामिल हुआ था। दोपहर को सिप्पी ने अपनी पहली गर्लफ्रेंड और उसके परिवार के साथ सेक्टर-26 स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खाया था और कनाडा में नया घर खरीदने को लेकर काफी उत्साहित था। खाना खाकर दोनों घर चले गए। शाम को सिप्पी गर्लफ्रेंड के साथ अपनी कार में फर्नीचर खरीदने के लिए इंडस्ट्रियल एरिया गया लेकिन दुकान बंद थी। इसके बाद गर्लफ्रेंड के साथ शाम 4:20 बजे फिल्म देखने की योजना बनाई। शाम सात बजे के करीब उसे मुक्तसर के गांव गंधर के अंग्रेज सिंह नाम के कॉलेज का दोस्त फोन आया था। वह उसे अपने गांव में एक हत्या केस के बारे में बता रहा था। इसके बाद उसे एक और फोन आया और वह घर से निकलने लगा, जाते हुए उसने मां से कहा कि कल्याणी से मिलने जा रहा है। इसके बाद वह कभी नहीं लौटा।
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