चंडीगढ़। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पटाखों से होने वाले प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए चंडीगढ़ को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस का जवाब देने के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को प्रशासन के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। पहले यह बैठक वीरवार को होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक टल गई।
प्रशासक बदनौर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में दीपावली पर पटाखे खरीदने, बेचने और जलाने पर भी फैसला लिया जाएगा। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एनजीटी के नोटिस के बारे में उन्हें जानकारी मिली है। नोटिस का जवाब देने के लिए शुक्रवार को एक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में ही कुछ फैसला किया जाएगा।
उधर, शहर की विभिन्न संस्थाओं ने भी इस वर्ष पटाखों की बिक्री और जलाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसको लेकर एनजीटी में भी कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। विभिन्न समूहों की ओर से दायर याचिकाओं में 30 नवंबर तक पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। एनजीटी ने इससे जुड़े मामलों की सुनवाई का दायरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से बढ़ा दिया। एनजीटी चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले में पहले ही दिल्ली, हरियाणा और उतर प्रदेश की सरकारों की नोटिस भेज चुकी है जबकि राजस्थान और ओडिशा सरकारें अपने राज्यों में पटाखों की खरीद बिक्री पर पाबंदी लगाने के लिए अधिसूचना जारी कर चुकी हैं। एनजीटी ने पटाखों से प्रदूषण को लेकर चंडीगढ़ के अलावा आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नगालैंड, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तराखंड से भी जवाब मांगा है। पीठ ने कहा है कि सभी संबंधित राज्य, जहां वायु गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है, वे ओडिशा और राजस्थान की तरह पटाखों की खरीद और बिक्री पर कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन पहले से ही पटाखों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। प्रशासन ने बीते दिनों एक हेल्थ एडवाइजरी जारी कर लोगों को पटाखे नहीं जलाने का आग्रह किया था। लोगों को कहा गया था कि इस दिवाली वह घर में ही रहें।