प्रदेश में 25 लाख हेक्टेयर गेहूं बिजाई का लक्ष्य, 80 फीसदी बिजाई पूरी
चंडीगढ़। नवंबर माह में सूखा रहने के बावजूद प्रदेश में गेहूं बिजाई पर असर नहीं पड़ा है। प्रदेश में 25 लाख हेक्टेयर गेहूं की बिजाई का लक्ष्य निर्धारित है। पांच अक्तूबर तक 80 फीसदी गेहूं की बिजाई हो चुकी है, जोकि सामान्य श्रेणी में दर्ज हुआ है। प्रदेश में रबी की फसल बिजाई का समय 25 अक्तूबर से 15 दिसंबर तक सीजन चलता है। इनमें गेहूं, चना, सरसों, जौ और अन्य फसलें आ जाती हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक व कृषि विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र सिंह लाठर के मुताबिक गेहूं बिजाई के समय बारिश न होने से किसानों को फायदा हुआ है। गेहूं की बिजाई के समय दो बार बारिश हो जाए तो पिछले सप्ताह में होने वाली बिजाई को किसानों की ओर से दोबारा करना पड़ता है। बीज के अंकुरण का समय एक सप्ताह होता है। इस बीज अंकुरण के पहले बारिश आने से जमीन सख्त हो जाती है, जिससे बीज अंकुरण में कमी तय होती है। इस वजह से किसानों को दोबारा बीज की बिजाई करनी पड़ती है। दोबारा बिजाई प्रक्रिया से किसानों पर बीज, खाद सहित अन्य तरह के खर्चे का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। उन्होंने बताया कि गेहूं बिजाई के 21 दिन बाद बारिश की आवश्यकता होती है। 15 दिसंबर तक बिजाई के बाद बारिश नहीं होने से फसल को नुकसान होता है।
सूखे का असर नहीं, सभी फसलों की बिजाई समान्य : संयुक्त निदेशक
हरियाणा कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राजीव कुमार मिश्रा के मुताबिक नवंबर माह में सूखे का फसलों की बिजाई पर कोई असर नहीं है। गेहूं के अलावा चना, दाल, तिलहन सहित अन्य फसलों की बिजाई रिपोर्ट सामान्य हैं।