पंजाब में 15 अप्रैल से रबी सीजन 2020-21 की गेहूं की फसल की खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी प्रबंध कर लिए हैं। यह जानकारी मंगलवार को पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु ने दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सभी खरीद एजेंसियां और एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) गेहूं की खरीद करेंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा मंडियों में 135 लाख टन गेहूं आने की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर पनग्रेन 26 प्रतिशत (35.10), मार्कफेड 23.50 प्रतिशत (31.72), पनसप 21.50 प्रतिशत (29.02), वेयरहाउस 14 प्रतिशत (18.90) और एफसीआई 15 प्रतिशत (20.25) गेहूं की खरीद करेंगे।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर किसानों की स्वास्थ्य सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 1867 खरीद केंद्र और 1824 राइस मिलों को मंडी यार्ड घोषित किया है।
सभी जिलों में जरूरत के अनुसार बारदाने का प्रबंध
आशु ने कहा कि सेंट्रल पूल के लिए गेहूं खरीदते हुए एजेंसियों द्वारा 50 किलो की नई जूट, एचडीपीई, पीपी बोरियों का प्रबंध किया गया है, जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट के अंतर्गत बांटे जाने वाले गेहूं की भराई के लिए 30 किलो क्षमता की बोरियों का प्रबंध पनग्रेन द्वारा किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में जरूरत के अनुसार बारदाना की आपूर्ति की गई है।
15 जून तक जारी रहेगी खरीद प्रक्रिया
आशु ने कहा कि गेहूं खरीद का सीजन 15 अप्रैल से शुरू होकर 15 जून तक जारी रहेगा। खाद्य मंत्री ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए मंडी बोर्ड द्वारा राज्य की मंडियों में टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इसके अलावा पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा राज्य की मंडियों में सख्ती से सामाजिक दूरी बनाए रखने के प्रयास किये गए हैं। गेहूं की बोली का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।