उधर, किसानों के खाते में सीधे राशि डालने के फैसले के विरोध में प्रदेशभर के आढ़तियों ने पांच अप्रैल को करनाल में बैठक बुलाई है। इस बैठक में ही आगामी फैसला लिया जाएगा कि वे खरीद में सरकार की मदद करेंगे या फिर इससे दूर रहेंगे। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी ने कहा कि किसानों की इच्छा के अनुसार भुगतान किया जाए। इसको लेकर अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद भी इसको लेकर कोई समाधान नहीं निकाला गया। इसके अलावा भी आढ़तियों की कई मांगें लंबित हैं।
एक तो अभी तक पिछले सीजन का करोड़ों रुपये बकाया है और न ही ब्याज मिला है। खरीद के समय टोकन सिस्टम नहीं होना चाहिए और जे फार्म की मजदूरी जे फार्म से ही काटी जाए। पिछले कई दिनों से एसोसिएशन के पदाधिकारी सीएम से मिलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन समय नहीं मिला है।
चौधरी का कहना है कि सरकार के रवेयै को देखते हुए ही बैठक बुलाई गई है। बैठक से पहले एसो. के सदस्य प्रदेश की सभी मंडियों में जाएंगे और आढ़तियों की समस्याएं जानेंगे। इसके बाद करनाल में सभी मंडियों के प्रधान और राज्य कार्यकारिणी के सदस्य सर्वसम्मति से फैसला लेंगे। पांच अप्रैल तक आढ़ती खरीद में सहयोग करेंगे, इसके बाद जो फैसला होगा, उसके अनुसार काम किया जाएगा।